उत्तराखंड: 2013 की आपदा में तबाह हो गई थी परियोजना, त्रिवेंद्र सरकार ने किया पुनर्निर्माण, जनता को समर्पित

रुद्रप्रयाग: यूजेवीएन लिमिटेड की काली गंगा प्रथम लघु जल विद्युत परियोजना का लोकार्पण मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया। काली गंगा प्रथम लघु जल विद्युत परियोजना जिला रुद्रप्रयाग के उखीमठ विकासखंड में काली गंगा नदी पर कालीमठ कोटमा मार्ग पर स्थित है। उक्त परियोजना 15-16 जून, 2013 में आई अतिवृष्टि एवं बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गई थी। विद्युत गृह बह जाने के कारण परियोजना से उत्पादन बंद हो चुका था।

सुदूरवर्ती क्षेत्र के लिए परियोजना के महत्व को देखते हुए वर्ष 2016 में परियोजना के पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए। सुदूरवर्ती एवं दुर्गम क्षेत्र में होने के कारण परियोजना के निर्माण कार्य में कई बाधाओं का सामना भी करना पड़ा। अंततः परियोजना को जुलाई 2020 में सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज कर 33ाअ वितरण लाइन से जोड़ दिया गया था। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने परियोजना स्थल पर परियोजना का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि  राज्य सरकार सुदूरवर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए समर्पित है और विद्युत ऊर्जा हर घर तक पहुंचाने हेतु प्रतिबद्ध है।

परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने बताया की परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 26.18 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया जाएगा। परियोजना से उत्पादित विद्युत द्वारा आसपास के जालतल्ला, खुन्नु, कोटमा, कबील्ठा, चैमासी सहित लगभग 25 गांव की विद्युत आपूर्ति में सुधार होगा। लोकार्पण कार्यक्रम में यूजीवीएन लिमिटेड के निदेशक वित्त सुधाकर बडोनी, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चंद्र बलूनी तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ ही बड़ी संख्या में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जनता उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here