उत्तराखंड : पुलिस का पहला महिला कमांडो दस्ता, आतंकी हमलों से निपटने में सक्षम

देहरादून : ATS यानी एंटी टेररिज्म स्क्वायड. हर राज्य में इसका गठन किया जाता है. इस दस्ते का काम किसी भी तरह के आतंकी हमले को नाकाम करना होता है. अब तक उत्तराखंड में ATS में केवल पुरुष जवानों को ही इसमें शामिल किया जाता था, लेकिन अब पहली बार महिला कमांडो भी तैयार की जा रही हैं. उत्तराखंड की ये महिला कमांडो इन दिनों ट्रेनिंग में जुटी हैं.

महिला कमांडो को पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) नरेंद्रनगर में तैयार किया जा रहा है. दस्ते को कमांडो फोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद फोर्स को एंटी टेररिज्म स्क्वायड (ATS) में शामिल किया जाएगा। महिला कमांडो फोर्स तैयार करने के लिए पीटीसी में पहली बार महिला पुलिस दस्ते को कमांडो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दस्ते में 22 महिला पुलिस कर्मी शामिल हैं, जिसमें दो महिला एसआई और 20 महिला कांस्टेबल शामिल हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन्हें एंटी टेररिज्म स्क्वायड में शामिल किया जाएगा

लिस महकमा महिला पुलिस कर्मियों को भी तैयार कर रहा है। महिला कमांडो फोर्स तैयार करने के लिए पीटीसी में पहली बार महिला पुलिस दस्ते को कमांडो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दस्ते में 22 महिला पुलिस कर्मी शामिल हैं, जिसमें दो महिला एसआई और 20 महिला कांस्टेबल शामिल हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन्हें एंटी टेररिज्म स्क्वायड में शामिल किया जाएगा। इसको लेकर अमर उजाला ने एक रिपोर्ट भी की है.

DIG PTC नरेंद्रनगर राजीव स्वरूप के अनुसार आतंकी घटनाओं से निपटने के लिए महिला पुलिस कर्मियों को कमांडो फोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। फोर्स ATS में शामिल होकर आतंकवाद के साथ ही राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से निपटने का काम करेगी। महिला सशक्तिकरण को भी इससे बल मिलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here