उत्तराखंड : किस पर लगाया महंत ने निशाना, कहा- मेरी एक ही पत्नी, ओरों के पास हैं बहुत विकल्प!

देहरादून : इन दिनों लैंसडाउन विधायक दिलीप सिंह रावत और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के बीच जुबानी जंग जारी है। लैंसडाउन विधायक दिलीप सिंह रावत तो कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की शिकायत तक सीएम से कर चुके हैं। दोनों के बीच रार किसी से छुपी नहीं है। दोनों के बीच की नाराजगी खुलकर सामने आ चुकी है। हरक सिंह रावत लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र में बीते दिनों सक्रिय दिखे जिससे अंदाजा लगाया गया कि हरक या तो लैंसडाउन सीट से चुनाव लड़ेंगे या वो अपनी पुत्रवधू के लिए पार्टी से टिकट मांगेेंगे।

पार्टी के कई मंत्री-विधायकों ने दो-दो टिकट की मांग की है। यानी की एक परिवार और दो टिकट…इससे पार्टी की टेंशन बढ़ गई है। साथ ही विधायकों के बीच चल रही जंग को भी पार्टी संभालने में लगी है। क्योंकि चुनाव का समय है पार्टी को सबको मिलाकर चलना है और खुश भी करना है और अगर ऐसा ना हुआ तो इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। बीते दिनों दिलीप सिंह रावत के कांग्रेस के सम्पर्क में होने और कांग्रेस ज्वॉइन करने की खबरें आई। लेकिन बीते दिन गुरुवार को भाजपा कार्यालय पहुंचे दिलीप सिंह रावत ने इसका खंडन किया और इसे मात्र एक अफवाह बताया। वहीं इशारों ही इशारों में हरक सिंह रावत पर वार किया।

मेरे पास पत्नी का भी एक ही विकल्प है-दिलीप सिंह रावत

मीडिया से रुबरु होते हुए दिलीप सिंह रावत ने कांग्रेस ज्वॉइन करने की खबर का खंडन किया और कहा कि भाजपा मेरी अकेली प्रभार है। मेरे पास एक ही विकल्प है…भाजपा और इसी तरह मेरे पास सीट का भी एक ही विकल्प है वो है लैंसडाउन विधानसभा सीट…और आगे जो लैंसडाउन विधायक दिलीप सिंह रावत ने कहा उसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। एक ओर विधायक के इस बयान का पत्रकारों ने खिल्ली उड़ाई तो वहीं इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। दिलीप सिंह रावत ने कहा कि मेरे पास पत्नी का भी एक ही विकल्प है। मेरे पास एक ही पत्नी है लेकिन ओरों के पास बहुत से विकल्प हो सकते हैं।

दिलीप सिंह रावत का ये बयान किसकी ओर इशारा कर रहा है इसका अंदाजा भी कई लोगों ने लगाया और सोशल मीडिया पर इस वीडियो पर जमकर कमेंट किए। इन दिनों हरक और दिलीप रावत की जुबानी जंग जारी है और इस बीच लैंसडाउन विधायक का तीखा वार किसके लिए था वो समझने वाले समझ गए भले ही विधायक ने नाम नहीं लिया।

पत्र लिखकर की थी सीएम से शिकायत

मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में दिलीप रावत ने कहा कि 12 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने नैनीडांडा डिग्री कालेज में आयोजित कार्यक्रम में विद्युत वितरण खंड कार्यालय का लोकार्पण किया। बीस दिन बाद भी आज तक कार्यालय में अधिशासी अभियंता की तैनाती नहीं की गई है। आरोप लगाया कि ऊर्जा मंत्री के दबाव के कारण यह नियुक्ति नहीं हो पा रही। पत्र में वन मंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने कालागढ़ वन प्रभाग के कार्यालय को कोटद्वार शिफ्ट करने का प्रयास किया, जिसका उन्होंने जनसहयोग से विरोध किया। लेकिन, अब वन मंत्री ने कोटद्वार में कालागढ़ वन प्रभाग का कैंप कार्यालय खुलवा दिया व लैंसडौन स्थित कार्यालय को निष्क्रिय कर दिया।

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