उत्तराखंड : विधायक निधि पर अफसरों की कुंडली, खिन्न होकर MLA ने खोली सिस्टम की पोल

देहरादून : उत्तराखंड में अफसरशाही हमेशा से ही सरकार भारी दिखी। कई ऐसे मौके आए जब अफसर और मंत्री-विधायकों की आपस में ही ठन गई। दोनों के बीच जमकर तकरार हुई। खूब हल्ला हुआ। शासन में कई बार अफसर और मंत्रियों के बीच की विवाद की खबरें आई। जिसका ताजा उदाहरण रेखा आर्य और वी षणमुगम का है। वहीं अब केदारनाथ से विधायक मनोज रावत सरकारी सिस्टम से खिन्न दिखे और उन्होंने अफसरों पर कई सवाल दागे।

संस्तुतियों पर अफसर कुंडली मारकर बैठने का आरोप

विधायक मनोज रावत ने सीधे तौर पर अफसरों पर विधायक निधि से काम की संस्तुतियों पर अफसर कुंडली मारकर बैठने का आरोप लगाया है। मनोज रावत का कहना है कि इसी निधि से 8 लाख की लागत से खरीदा गया 1 वेंटिलेटर 1 घंटे भी नहीं चला। विधायक ने कहा कि इसकी शिकायत की गई तो कोई जवाब नहीं दिया गया। विधायक सिस्टम से नाराज दिखे।

अफसर विधायक निधि पर डाका डाले हैं- विधायक

विधायक मनोज रावत का साफ तौर पर आरोप है कि विधायक निधि से होने वाले तमाम कार्यों में अफसर खेल खेल रहे हैं।अफसर विधायक निधि पर डाका डाले हैं। विधायक का कहना है कि तमाम संस्तुतियों में से केवल उन पर काम किया जाता है, जिनमें कुछ न कुछ खेल होता है। विधायक ने कहा कि चिकित्सा उपकरण भी विकासखंड के माध्यम से खरीदे जा रहे हैं। विधायक का कहना है कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितनी गुणवत्ता की खरीद हो रही होगी।

विधायक मनोज ने कहा कि उन्होंने डेढ़ करोड़ की लागत से चिकित्सा उपकरण खरीद का प्रस्ताव दिया था। इसके लिए दून मेडिकल कॉलेज को एजेंसी बनाई गई थी लेकिन 1 साल से इन उपकरणों की खरीद नहीं हो रही है। नियमानुसार विधायक की कोई संस्तुति अगर उचित नहीं है तो एक सप्ताह में संबंधित अफसर को इस बारे में विधायक को सूचित करना होता है।

मनोज रावत ने की विधायक निधि बंद करने की मांग

एमएलए मनोज का कहना है कि इस विधायक निधि ने विधायकों को न जाने क्या बना दिया है। विकास कार्यों के नाम पर विधायक निधि का दुरुपयोग हो रहा है। किसी को इसकी फिक्र नहीं है। पैसा बर्बाद हो रहा है। विधायक ने उत्तराखंड में विधायक निधि को अब बंद करने की मांग की है।

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