उत्तराखंड: जिंदा दफन हो गए थे सैकड़ों लोग, एक साल बाद भी मिल रहे शव

जोशीमठ: धौली और ऋषि गंगा में आई बाढ़ की तबाही के निशान अब भी साफ नजर आ रहे हैं। तबाही ऐसी कि सैकड़ों लोग जिंदा दफन हो गए थे। उस तबाही में तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना पूरी तरह तबाह हो गई थी। टनल में कई लोग फंस गए थे। उस टनल से अब तक शवों के मिलने का सिलसिला जारी है।

टनल से सोमवार को टनल से एक शव मिला है। लापता हुए 205 लोगों में से 137 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। जबकि, आपदा में लापता 70 लोगों का अब भी कुछ पता नहीं चल सका है। बीते वर्ष 7 फरवरी को ऋषिगंगा नदी में आई बाढ़ के दौरान एनटीपीसी की तपोवन विष्णुगढ़ परियोजना में कार्य कर रहे 205 मजदूर और कर्मचारी बाढ़ के सैलाब में लापता हो गए थे।

सोमवार को किमाणा गांव निवासी रोहित भंडारी पुत्र डबल सिंह भंडारी का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान उसके जेब में मिले आधार कार्ड के आधार पर की गई है। रोहित इकलौती संतान थे। वह एनटीपीसी की सहायक कम्पनी ऋत्विक में काम करता था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here