उत्तराखंड : बिना फायर NOC के संचालित हो रहे होटल, क्या सफेदपोश नेता लेंगे जिम्मेदारी?

रुड़की में सैंकड़ों की संख्या में होटल बने हैं जो यहां आने वाले पर्यटकों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं. इन होटलों में ठहरने वाले लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। आपको बता दें कि रुड़की क्षेत्र में सैकड़ों होटल हैं जिनमे से मात्र 8 होटल ऐसे ही जिनके द्वारा फायर की एनओसी है जबकि नए होटल हों या पुराने सभी को फायर की एनओसी लेना अनिवार्य होता है लेकिन रुड़की के अधिकतर होटल मालिकों ने फायर एनओसी नहीं ली है जिससे होटल में ठहरने वालों की जान खतरे में है। जो की किसी बड़े हादसे को न्यौता देने का काम कर रहे हैं क्योंकि अधिकतर होटलों के अंदर रेस्टोरेंट होने के कारण किचन बने हैं और सिलेण्डर आदि भी होटल के अंदर उपलब्ध होते हैं। कभी भी कोई घटना घटित हो है तो फायर ऑफिस को कॉल किया जाता है।

सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि रुड़की में बने इन सैकड़ों होटलों में अधिकतर होटल नेताओं के हैं. जिसमे पूर्व में रहे विधायक हों या वर्तमान में सत्ताधारी विधायक की बात करें, तो यह नेता भी नियमों को ताक पर रख कर होटल को संचालित करा रहे हैं। जिस तरह से सैकड़ों की तादाद में बने होटलों में मात्र 8 होटलों पर फायर की एनओसी है। अगर शहर के अंदर कोई बड़ी घटना घटित हो जाती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।

इस मामले पर फायर स्टेशन इंचार्ज का कहना है कि वह नोटिस भेज देते हैं लेकिन उसके बावजूद को भी होटल का मालिक और संचालन करने वाला एनओसी के लिए नहीं आते हैं। एनओसी के लिए फिर वह एप्लिकेशन बना कर उच्चाधिकारियों को भेज देते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here