उत्तराखंड: 7 दिन बाद भी नहीं टूटा सन्नाटा, आखिर क्या है इसका कारण

खटीमा: गेहूं खरीद को लेकर सरकार ने कई दिनों पहले तैयारी शुरू कर दी थी। लेकिन, खटीमा कृषि मंडी समिति में खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से बनाए गए गेहूं खरीद केंद्रों पर पिछले 7 दिनों से एक भी व्यक्ति गेहूं खरीद करने नहीं आया है। जनपद उधम सिंह नगर के सीमांत खटीमा कृषि मंडी समिति में खाद आपूर्ति विभाग के गेहूं खरीद केंद्र खाली पड़े हुए हैं।

1 अप्रैल को गेहूं खरीद केंद्र सुचारू कर दिए गए थे। लेकिन, 7 दिन में गेहूं खरीद केंद्रों पर बिल्कुल भी तोल नहीं हुई है। खटीमा मंडी समिति के एसएमआई जगदीश कालौनी ने जानकारी देते हुए कहा कि अभी तक खाद्य पूर्ति विभाग की ओर से लगाए गए काटांे को लगे हुए 7 दिन हो चुके हैं और अभी तक गेहूं की तोल का आंकड़ा शून्य है।

लेकिन, अभी तक 6 किसानों के रजिस्ट्रेशन करवाया गया है। गेहूं की तोल किसी भी किसान ने अभी तक नहीं की गई है। इस बार सरकार की ओर से गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2015 रखा गया है। बोनस मूल्य अभी तक सरकार के द्वारा लांच नहीं किया गया है। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि मार्केट में राइस मिलर्स व आढ़तियों द्वारा किसानों से उचित रेट व ज्यादा मूल्य पर गेहूं की खरीद किये जाने से सरकारी कांटो की तरफ किसान नहीं आ रहे हैं।

इस कारण से भी सरकारी कांटों पर तोल नहीं हो रही है। अधिकारियों ने कहा कि अगर तोल सरकारी कांटो पर नहीं होती है, तो सरकार द्वारा गाइडलाइन के अनुसार हम पुराने किसानों से समन्वय बनाकर उन्हें सरकारी कांटों पर तोल करने के लिए अपील करेंगे और उनसे संपर्क करेंगे कि वह सरकारी कांटों पर आकर तोल करें।।

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