उत्तराखंड: 23 जून से पहले हटाना होगा अतिक्रमण, विधायक बोले : PIL करने वाले कर रहे राजनीति

लालकुआंः पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय कि सरकारी भूमि और पन्तनगर किच्छा स्टेट हाईवे पर अवैध अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुऐ हाईकोर्ट की पीठ ने डीएम ऊधमसिंह नगर को नगला किच्छा स्टेट हाईवे-44 और विवि स्वामित्व कि भूमि पर अवैध अतिक्रमण हाटकर 23 जून को कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद से भूमि पर काबिज लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा भूमि पर काबिज 62 अतिक्रमण कारियों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। वहीं मामले कि जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला ने पंतनगर पहुंचकर लोगों कि समास्याओं को सूना और उन्हें आश्वासन दिया कि जल्दी उनके द्वारा प्रशासन से वार्ता कर कोई ठोस कार्रवाई की जायेगी।

विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि न्यायालय पुरा सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय हमेशा जनहित में फैसला सुनाती है, लेकिन कुछ लोग अपने हित व दूसरों के अहित और राजनीतिक फायदे के लिए पीआईएल दायर कराते हैं। इसलिए न्यायालय को विचार विमर्श करना चाहिए कि दायर पीआईएल करने वाले का हित और जनता का हित इसमें है या नही और वो क्यों पीआईएल दायर कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन्होंने नगला के अहित के पीआईएल दायर कि आगर वो स्टेट हाईवे के स्टेट हाईवे चैड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हाटने कि बात करते तो शायद सही होता। विधायक ने कहा कि कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए यहां याचिका दायर कराई है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने विपक्षी नेताओं को इसके लिए दोषी ठहराया और कहा कि जो लोग जनता का हित नहीं चाहते। जनता के अहित के लिए आगे आ रहे हैं। ऐसे लोगों को नगला की जनता जरूर जवाब देगी।

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