उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी, शराब से मिला इतना राजस्व

14 जून से शुरू हुआ उत्तराखंड विधानसभा सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई है। इससे पहले विधानसभा में सदन पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के साथ ही कैग रिपोर्ट पेश की गई।

उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दौरान सदन के पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के साथ ही कैग रिपोर्ट पेश की गई है। इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार हो रहा है। कोरोना काल के बाद राज्य की आर्थिकी में सुधार हुआ है। आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड की विकास दर,  2020-21 में 4.42% रही  जबकि 2021-22 में विकास दर 6.13 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि आंकी गई है।  2020-21 में प्रति व्यक्ति आय 1,82,698 रुपए आंकी गयी थी जो 2021-22 में 16% वृद्धि के साथ 1,96,282 रुपए होने का अनुमान है। प्रति व्यक्ति आय का ये आंकड़ा राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय 1,50,326 रुपए से कहीं अधिक है।

अर्थव्यवस्था में कृषि सेक्टर का योगदान 12.11 प्रतिशत,  उद्योग सेक्टर का योगदान 44.97 और सर्विस सेक्टर का योगदान बढ़कर 42.92 फीसदी हो गया।

उत्तराखंड विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, बजट पर लगी मुहर

सर्वे के अनुसार प्रधान मंत्री जन-धन योजना के तहत 2014 में योजना की शुरुआत से 31 मार्च  2022 तक 30 लाख से अधिक खाते खोले गये है, जिसमें से 22 लाख 86 हजार खाता धारकों को डेबिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं और 23 लाख 88 हजार खातों को आधार संख्या से जोड़ा गया है।

प्रधान मंत्री मुद्रा योजना के तहत बैंकों द्वारा 31 मार्च 2022 तक 2 लाख से अधिक नए सूक्ष्म उद्यमियों को ₹2396.63 करोड़ के ऋण स्वीकृत किये गये हैं।

वहीं राज्य में टैक्स कलेक्शन में भी अच्छा काम हुआ है, साल 2021-22 तक लगभग 56 गुना बढ़कर 13 लाख 7हजार 386 करोड़ हो गया हैं।

उत्तराखंड सरकार की कमाई का कुल प्रतिशत में से 19 प्रतिशत हिस्सेदारी आबकारी विभाग की है।  इस साल शराब से 3260 करोड़ का राजस्व कमाया है।

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