उत्तराखंड : खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की लापरवाही से होगी गेंहूं की बंदरबाट – अध्यक्ष

किच्छा, व्यापार मण्डल अध्यक्ष राजकुमार बजाज ने खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि ऊधमसिंह नगर जिले में गेहूं की उत्पादकता 50 क्विटल प्रति हेक्टेयर है और ई खरीद पोर्टल पर 30 क्विंटल दर्शायी गयी है। उन्होने इसमें खाद्य नागरिक आपूर्ति व सहकारिता विभाग के आला अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। जिसमें विभाग के पोर्टल पर उत्पादकता कम दर्शायी जाने से किसानों में असमंजस बन गया है।
उन्होने कहा कि यदि किसान पोर्टल के हिसाब से अधिक गेहूं लाते हैं तो केंद्र प्रभारी असमंजस की स्थिति में हैं। किसान भी समझ नहीं पा रहे हैं कि अधिक उत्पादन होने पर बचा हुआ गेहूं कहां बेचेंगे। उत्पादकता की भिन्नता में चूक कहां से हुई है, यह जांच का विषय है। कुमाऊं में सबसे ज्यादा गेहूं व धान की खरीदारी होती है। किसानों की सुविधा के लिए जिले में 159 गेहूं क्रय केंद्र खोल दिए गए हैं। फिलहाल छिटपुट केंद्रों में खरीदारी शुरु हो गई है। किसानों की खतौनी व खसरा खाद्य नागरिक आपूर्ति की ई पोर्टल खरीद पर गेहूं की उत्पादकता 30 क्विटल प्रति हेक्टेयर दर्शाया गया है। जिले में 12 लाख क्विटल गेहूं क्रय करने का लक्ष्य है तथा कृषि विभाग के हिसाब से काफी अधिक उत्पादन होगा। ऐसे में यदि रकबा के हिसाब से उत्पादन अधिक हुआ तो किसान आखिर बचा गेहूं खुले बाजार में बेचेगा या केंद्रों में। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। केंद्र प्रभारी को मानक दिया गया है, उसी हिसाब से क्रय करेंगे। यदि समय रहते इस मामले में स्पष्ट कोई आदेश जारी नहीं हुआ तो किसान के गेहूं की बंदरबाट हो सकती है। हकीकत यह है कि उत्पादन के हिसाब से लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। उन्होने कहा कि यदि जल्द ही इस व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो किसान विभाग के खिलाफ आंदोलन को बाध्य होंगे।

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