उत्तराखंड: मानसून सत्र के आखिरी दिन राज्य के सतत विकास पर चर्चा, सुझावों पर तैयार होगी कार्ययोजना

देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र का आज छठा और आखिरी दिन है। सदन में आज राज्य के सतत विकास लक्ष्य पर चर्चा हो रही है। सदन में गरीबी से मुक्ति, भुखमरी समाप्त करना, स्वस्थ जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समेत विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी सदन में मौजूद रहे।

संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि राज्य ने कई चुनौतियों के बावजूद बेहतर विकास किया है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही है। राज्य में डॉक्टरों, आईसीयू, अस्पतालांे की कोई कमी नहीं है। उपनेता करण मेहरा ने सतत विकास लक्षय पर अहम सुझाव दिए।

करण माहरा ने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने पर हो सरकार का फोकस होना चाहिए। मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के प्रयास और तेज होने चाहिए। उनहोंने कहा कि डॉक्टरों की कमी अभी बनी हुई है, जो चिंताजनक है। पुलिस के कम वेतन भी उन्होंने कहा कि उनका वेतन बढ़ाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सेव प्रदेश की आर्थिकी मजबूत कर सकता था, लेकिन हमने ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आज सेव उत्पादन में हिमाचल हमसे आगे है। 34 प्रतिशत जमीन कृषक के पास है, जोत बंटी हुई है। इससे नुकसान हो रहा है। कॉपरेटिव बेस पर खेती करने को आवश्यकता है। उद्यान व कॉपरेटिव विभाग मिलकर करें कामतो बेहतर होगा। साथ ही लोक निर्माण/सिंचाई और वन विभाग की संयुक्त टीम होनी चाहिए। राज्य में जल संचय की अवश्वक्ता है।

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