उत्तराखंड : सीधे दारोगा बनने का सपना देख रहे होमगार्डों के लिए मायूस करने वाली खबर,

देहरादून : कई युवा पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रहे हैं. युवाओं को भर्ती का इंतजार है। सिपाही के साथ दारोगा बनने की चाह हर किसी के मन में है लेकिन सीधे दारोगा बनने का सपना देख रहे होमगार्डों के लिए मायूसी भरी खबर है। बता दें कि 5% क्षैतिज आरक्षण ऍर उम्र की छूट को दारोगा भर्ती भर्ती से हटा दिया गया है। इसकी पुष्टि होमगार्ड कमांडेंट जनरल अजय रौतेला ने की है।

आपको जानकारी के लिए बता दें कि लगातार 3 साल की सेवा करने पर होमगार्डों को पुलिस में जाने का मौका मिल जाता है। सिपाही और दारोगा बनने के लिए उन्हें 5% क्षैतिज आरक्षण भी दिया जाता था। इसका लाभ उठाकर कई होमगार्ड दारोगा बन चुके हैं लेकिन पहली बार उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से कराई जा रही दारोगा भर्ती विज्ञप्ति में दारोगा के लिए होमगार्डों का क्षैतिज आरक्षण खत्म कर दिया गया है।

जनरल कमांडेंट अजय रौतेला का कहना है कि पहली बार एसआई भर्ती में होमगार्डो को क्षैतिज आरक्षण नहीं मिला। इससे पहले सभी भर्तियों के यह लाभ दिया जाता रहा है। वहीं इससे होमगार्ड मायूस हैं। उनका कहना है कि होमगार्ड बनकर उनकी तरक्की के लिए आरक्षण एकमात्र सहारा था। इसे भी गोपनीय तरीके से हटा दिया गया है। ऐसे में उनके सामने आगे बढऩे के रास्ते बंद हो चुके हैं।

होमगार्ड अधिकारियों के अनुसार 2015 में हुई दारोगा भर्ती में होमगार्ड 5% क्षैतिज आरक्षण और 5 साल उम्र में छूट के साथ शामिल हुए थे। जिसमें राज्य के चार होमगार्ड सीधे दारोगा बने। वर्तमान में उनकी तैनाती गढ़वाल में है। कमांडेंट जनरल, होमगार्ड अजय रौतेला ने बताया कि होमगार्डों को पूर्व में क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलता आया है। इस बार आरक्षण नहीं है।

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