उत्तराखंड: कोरोना जांच में महंगी पड़ी लापरवाही, DM ने की ये कार्रवाई

 

हल्द्वानी: कोरोना की रिपोर्ट देरी से देने पर नैनीताल डीएम सविन बंसल ने लाल पैथोलाॅजी लैब की जांच की अनुमति को ही निरस्त कर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. भागीरथी जोशी ने बताया कि गणपति विहार निवासी एचएन पाठक की बेटी ने 12 दिसम्बर को डाॅ. लाल पैथौलाॅजी मुखानी में जांच के लिए सैंपल दिया था।

सैंपल की रिपोर्ट लैब ने 17 दिन बाद यानी 28 दिसंबर को दी। रिपोर्ट में उन्हें कोरोना पाजिटिव बताया गया था। लैब द्वारा देरी से रिर्पोट उपलब्ध कराये जाने से कोविड-19 के अन्तर्गत कोरोना संक्रमण की रोकथाम और इसके प्रसार को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयास प्रभावित हुए हैं। जिसको जिलाधिकारी के निर्देश पर गम्भीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा टीम गठित कर जांच कराई गई, जो सत्य पाई गई।

मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. जोशी ने बताया कि लैब को जनपद में कोविड-19 की आरटी-पीसीआर जांच की सर्शत अनुमति दी गई थी। जिसके अन्तर्गत सम्बन्धित प्रयोगशाला को जिला प्रशासन द्वारा निर्गत निर्देशों-शर्तो का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना था।

लैब ने आईसीएमआर गाइडलाइन के अनुरूप रियल टाइम रिपोर्ट अपलोड की जानी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम सविन बंसल ने सख्ती दिखाते हुए लैब की जांच की अनुमति को ही निरस्तस कर दिया।

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