Uttarakhand Budget Session: सत्र का दूसरा दिन आज, हंगामे के साथ शुरू हुई सदन की कार्रवाई

Uttarakhand Budget Session: उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। कांग्रेस के जोरदार हंगामे के साथ सदन की कार्रवाई शुरू हुई। बता दें संसदीय इतिहास में पहली बार सत्र के पहले दिन बजट आया था। सीएम धामी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ का बजट पेश किया है।
विपक्ष के हंगामे के साथ शुरू हुआ दूसरा दिन
बजट सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही विपक्ष के विधायकों में विधानसभा के बाहर सीढ़ियों पर बैठकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जन समस्याओं की तख्तियां बनाकर उन्हें उठाने का काम किया। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह और तिलक राज बेहड़ ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और कांग्रेस इस मुद्दे पर सदन का ध्यान आकर्षित करना चाहती है।

विपक्ष ने उठाए सरकार की मंशा पर सवाल
सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा कि सरकार सदन के अंदर राज्यपाल के अभिभाषण पर विस्तार से चर्चा कराए। इसके साथ ही साथ बजट को लेकर भी विभाग बार चर्चा हो ताकि बजट सही तरीके से संबंधित विभागों के जरिए विकास के कार्य में खर्च हो सके। इसके साथ-साथ ही विपक्ष ने नियम 310 के तहत कानून व्यवस्था का मुद्दा भी सदन के अंदर लगाया है और इस पर भी चर्चा की मांग की है।
BJP विधायक ने उठाया मूलभूत सुविधाओं के अभाव का मुद्दा
वहीं बीजेपी के विधायक महंत दिलीप रावत ने गैरसैंण में मूलभूत सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि जब तक हर स्तर की सुविधा यहां मुहैया नहीं हो पाती हैं तब तक सत्र कराया जाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार सकारात्मक प्रयास कर रहे हैं लेकिन अभी तक यहां पर तमाम सुविधाओं की जरूरत है और उसको पूरा करने के बाद ही गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित किया जाना चाहिए।
सत्र के दूसरे दिन आएंगे चार अध्यादेश
बता दें बजट सत्र के दूसरे दिन चार अध्यादेश आएंगे। सदन के पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट रखी जाएगी। इसके साथ ही कैग की सात रिपोर्ट भी सदन में पेश होगी। विपक्ष लगातार नियम 310 के तहत चर्चा की मांग कर रहा है। पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने 600 सवाल लगाए हैं। जिसमें से 16 विपक्षी विधायकों ने सवाल लगाए हैं। कांग्रेस की ओर से लगातार सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की जा रही है।