उत्तराखंड ब्रेकिंग : पार्टी से अपार प्रेम या अपने दिल का दर्द बयां कर रहे बीजेपी विधायक, पढ़िए

देहरादून : उत्तराखंड में रविवार को नए सीएम के नाम का ऐलान हुआ और नए सीएम पुष्कर धामी समेत मंत्रियों ने पदकी  शपथ ली। लेकिन इससे पहले कई विधायक जो मंत्री बनने का सपना संजोए थे उनके सपने रविवार को चकनाचूर हो गए। शायद ऐसा ही कुछ सपना संजोए हुए थे विधायक महेंद्र भट्ट। जी हां बता दें कि ये महेंद्र की पोस्ट से साफ नजर आ रहा है। महेंद्र भट्ट ने एक पोस्ट शेयर की है जिससे साफ नजर आ रहा है कि महेंद्र भट्ट सपना संजोए थे कि वो मंत्री बनेंगे लेकिन उनका सपना टूट गया। अब वो अपने समर्थकों को बहला रहे हैं या अपने मन को ये उनकी पोस्ट से साफ नजर आ रहा है। विधायक की इस पोस्ट से तो यही लग रहा है या तो वो अपना दर्द बयां कर रहें हैं या पार्टी से उन्हें कुछ ज्यादा ही अपार प्रेम हो गया है।
महेंद्र भट्ट ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि “मित्रों मैं आपका आभारी हूँ, कि आप मुझे मंत्री पद पर देखना चाहते थे। आप मुझसे पूछ रहे हो कि आप मंत्री क्यों नहीं बने। मित्र मेरी पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। 32 साल की उम्र में मुझे विधायक बनाया, मैं मध्यप्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी जब राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, उत्तराखंड युवा मोर्चा का पहला प्रदेश अध्यक्ष रहा। युवा मोर्चा में राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य रहते हुए महाराष्ट्र एवम हिमाचल प्रदेश का प्रभारी रहा। उत्तराखंड की पहली निर्वाचित विधान सभा में पार्टी के टिकट पर जीतकर 2002 मे सदन में पार्टी विधानमण्डल में मुख्य सचेतक रहा। उत्तराखंड में निशंक जी की सरकार में राज्यमंत्री रहा।संगठन में पौड़ी लोकसभा के सभी जिलों का संगठन प्रभारी रहा। टिहरी जिले का भी प्रभारी रहा। उत्तरकाशी लोकसभा चुनाव मे दो बार जिले का प्रभार रहा। जब भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री श्री जनरल खण्डूड़ी जी के समय प्रदेश की पांचों लोकसभा चुनाव में भाजपा हारी थी, उस समय मेरे कार्यक्षेत्र टिहरी की सभी विधानसभा में बीजेपी की जीत हुई थी। डॉ0 अनिल जैन जो उस समय हमारे राज्य के प्रभारी थे उन्होंने मेरा सम्मान किया था। भाजपा प्रदेश संगठन में तीन बार प्रदेश मंत्री रहा। देश में जहाँ भी चुनाव में मुझे भेजा गया मैनें पूरा समय देकर उन क्षेत्रों में कार्य किया और एक महत्वपूर्ण बात मैं देश की जिस भी विधानसभा में चुनाव प्रबंधन हेतु रहा उस विधनसभा को पार्टी ने जीती है। उत्तराखंड में भी कर्णप्रयाग विधानसभा का चुनाव जो बाद में हुवा था, इस चुनाव के प्रबंधन में भी जीत मिली।इस जीत के बाद में हुवा थराली उपचुनाव को भी मेरे द्वारा प्रबंधन किया गया। मैंने दोनों चुनावों में निष्ठा से काम किया और भाजपा विजयी हुई”।
इन सब कार्यो के बाद मुझे संगठन ने काफी सम्मान मिला। मैं संगठन का ऋण कभी नहीं उतार सकता। हम सब को मिलकर पार्टी को मजबूत करने का लक्ष्य अपनी प्राथमिकता में रखना होगा। 2022 में पुनः भाजपा की सरकार ही, हम सब का लक्ष्य है।
जय श्रीराम।

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