उत्तराखंड ब्रेकिंग : साइबर क्राइम का मास्टरमाइंड पूरा सच, FBI की गिरफ्त में है एक साथी

देहरादून: भारत से संचालित नेटवर्क जो विदेशो में रह रहे लोगो को खासकर अमेरिकन सिटीजन्स को विभिन्न सेवा देने और कंप्यूटर में फर्जी वायरस से सिस्टम को नुकसान से बचाने के नाम पर अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधों को अंजाम देने वाले मास्टरमाइंड को उत्तराखंड के देहरादून से हुई गिरफ्तारी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि विदेश से डॉलर में पेमेंट, अवैध धन से प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट और करोड़ों रूपये के बैंक ट्रांसक्शन्स का पता चला है। देहरादून में अर्जुन सिंह एडी बिल्डर्स के नाम से आईटी पार्क के पास कार्यालय चलाया जा रहा था।

अमेरिका में रह रहे गिरोह के मास्टरमाइंड निपुण गंधोक

अमेरिका में रह रहे गिरोह के मास्टरमाइंड निपुण गंधोक की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन की अरेस्ट के बाद, देहरादून व अन्य स्थानों पर कॉल सेंटर्स को बंद करके स्वंम द्वारा वर्चुअल नंबर्स से साइबर अपराध को अंजाम दिया जा रहा था। निपुण भोपाल का रहने वाला है और टेक्सास के एक कॉलेज में पढ़ता था। पूरे रैकेट के भारत से संचालन और बैंक एकाउंट डिटेल्स, प्रोपेर्टी इन्वेस्टमेंट तथा महत्वपूर्ण सूचनाआंे को इंटरनेशनल एजेंसीज और एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट से साझा किया जाएगा।

अभियुक्त के 4 बैंक खाते

अभियुक्त का साथी दिलीप कुमार थुपेला निवासी चंद्रबनी पहले से ही घटनास्थल पर नहीं था। अभियुक्त के 4 बैंक खाते हैं, जिसमें एक खाते में 9.5 लाख दूसरे में 4.5 लाख जबकि तीसरे में 2.5 लाख रुपए हैं। एक अन्य खाते में लगभग 3.50 करोड़ का ट्रांजैक्शन हुआ है। साथ में उसके द्वारा 52 लाख का जमीन लेन-देन में निवेश देहरादून में किया गया है। 20 लाख का एक फ्लैट लिया गया है।

एसटीएफ ने गोपनीय जांच

जानकारी के अनुसार एसटीएफ ने गोपनीय जांच के आधार पर फिलहाल यह पता चल पाया है कि अभियुक्त और उसके साथियों के अनुमानित 10 से 12 बैंक खाते हैं। दिल्ली में एक व्यक्ति को 15 लाख चेक से और 5 लाख कैश देने की बात भी सामने आई है। इतना ही नहीं उसने अपने साथ दिलीप की मां और बहन को करीब 18 लाख खाते में भेजे हैं।

वर्चुअल नम्बर द रियल पीबीएक्स कम्पनी से अपने नम्बर पर लिया

अभियुक्त द्वारा एक वर्चुअल नम्बर द रियल पीबीएक्स कम्पनी से अपने नम्बर पर लिया है, जिसको Microsoft Support System के प्रतिनिधि के रूप में काम करने के लिये लिया था। अभियुक्त का एक साथी निपुन गन्धोक जो कि अमेरिका में रह रहा था उसके साथ मिलकर  02 वर्ष पूर्व विदेशी व्यक्तियों को माईक्रोसाफट कम्पनी से सम्बन्धित होना बताकर वर्चुअल नम्बर के माध्यम से सम्पर्क कर उनके कम्पयूटर से वायरस हटाने की बात कह कर धोखाधडी करता था। इस काम के लिये जो पैसा निपुन के पास आता था उसमें अभियुक्त का हिस्सा विदेश से भेजता था। उसी समय के आसपास अमेरिका की पुलिस ने निपुन को गिरफतार कर लिया था और उसके बाद अभियुक्त ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ये काम करना शुरू कर दिया था। ये लडके अभियुक्त को अमेरिकन विदेशी कस्टर के नम्बर भेजते थे, जिनको अभियुक्त अपने लैपटाप में साफटवेयर के माध्यम से डील करता था और उनसे विभिन्न कम्पनियों जैसे एचपी, डैल, कैनन, लैक्समार्क के टेकशीयन के नाम से सर्विस प्रोवाईडर के रूप में पैसे प्राप्त करता था।

एक साथी जो कि कलकत्ता का रहने वाला

विदेशी कस्टमर का नम्बर उक्त अभियुक्त के साथी उपलब्ध कराते थे तथा उसका एक साथी जो कि कलकत्ता का रहने वाला था वो गेटवे के माध्यम से सम्बन्धित कस्टमर से धनराशि प्राप्त करता था। अभियुक्त एवं उक्त साथियों के मध्य समस्त लेन देन उनके बैंक खातो से अभियुक्त खाते के माध्यम से होता था, जिसमें किसी एक कस्टमर से प्राप्त की गई धनराशि का कुछ प्रतिशत हिस्सा कोलकाता के साथी को जाता है। 1300 रूपये प्रति कस्टमर के काॅल प्रोवाईडर के रूप में उपरोक्त विभिन्न साथियों में से उस साथी को जाता है, जिसने अभियुक्त को उस कस्टमर का काॅल फारवर्ड किया हो।

ल्टीनेशनल कम्पनियों का सर्विस प्रोवाईडर

अभियुक्त व्यक्ति ऑनलाइन के माध्यम से अपने साथियों के साथ विदेशी नागरिकों को विभिन्न मल्टीनेशनल कम्पनियों का सर्विस प्रोवाईडर बनकर उनसे सर्विस के तौर पर धोखाधडी कर रूपये प्राप्त करता है। जोकि धारा 420 भा0द0वि0 एवं धारा 66 डी, 75 आई0टी0 एक्ट का अपराध है। प्रभारी स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा बताया गया कि एसटीएफ ने जनवरी में भी एक फर्जी कॉल सेंटर को पकड़ा था और लगातार एसटीएफ इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर्स पर कार्रवाई हेतु अग्रसारित है जनता से अपील की जाती है। क्या आजकल साइबर अपराधी फर्जी कस्टमर केयर बंद करके लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास करते हैं और उसके बाद उनके साथ ठगी करते हैं। किसी भी कस्टमर केयर का नंबर आप उसके अधिकृत या पंजीकृत वेबसाइट अथवा स्वयं उसके ऑफिस में जाकर उनका नंबर प्राप्त करें।

गिरफ्तार अभियुक्तगण-1- अर्जुन सिंह पुत्र श्री नरेन्द्र सिंह, भारापुर, भौरी, थाना बहादराबाद, जिला हरिद्वार उम्र 28 साल। फरार अभियुक्तदिलीप कुमार थुपेला R/O चंद्रबनी।
बरामदगी- 1 Laptop, 4 Mobile Phone, 1 Jio Dongle, 3 Headphone, 3 Bank Cheque  book, 1 Printer, 4 pan cards and debit credit cards।

पुलिस टीम-पुलिस उपाधीक्षक  जवाहर लालउ नि विपिन बहुगुणा, उनि नरोत्तम बिष्ट, उनि आशीष गुसांई, हे0का0प्रो0 देवेन्द्र भारती, का. चमन कुमार, का. प्रमोद, का सुधीर केसला, का. दीपक चन्दोला का. सन्देश का. कादर खानका, चालक दीपक तवॅर।

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