उत्तराखंड: एक छोर पर एंबुलेंस, एक छोर पर दर्द से तड़पती गर्भवती, टेंपो में प्रसव

 

हल्द्वानी: हल्द्वानी के रानीबाग में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। अमृतपुर गांव की महिला को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उसे अस्पताल के लिए लाए, लेकिन पुल पर काम चल रहा था और ठेकेदार किसी को जाने नहीं दे रहा था। पुलिस के एक छोर पर एंबुलेंस भी पहुंच चुकी थी। दूसरे छोर पर टेंपो में गर्भवती महिला दर्द से कराह रही थी। लाख मिन्नतें करने के बाद भी ठेकेदार नहीं माना।

नतीजा यह हुआ कि महिला की डिलीवरी वहीं टैंपो में ही करा दी गई। ये एक समय से पहले प्रसव था। महिला और उसके जुड़वा बच्चों की जान का खतरा था। आशा वर्कर व महिला की सास ने टेंपो में ही महिला का प्रसव करा दिया लेकिन समस्या यहां भी खत्म नहीं हुई दरअसल महिला के गर्भ में दो जुड़वां बच्चे थे। एक को तो आशा वर्कर ने जैसे तैसे जन्म दिलवा दिया लेकिन दूसरे बच्चे के नाम पर उनके हाथ खड़े हो गए।

ऐसे में 108 कर्मियों ने पैदल ही पुल पार किया और टेंपो में ही महिला के दूसरे बच्चे को जन्म दिलवाया। आधीरात को महिला व दोनों नवजातों को हल्द्वानी पहुंचाया जा सका। अब तीनों की हालत ठीक हैं। लेकिन ठेकेदार की लापरवाही पर ग्रामीणों की भवें तनी हुई हैं। गांव की आशा वर्कर और महिला की सास ने टैंपु में ही महिला का प्रसव करा दिया, लेकिन समस्या यहां खत्म नहीं हुई। दरअसल, महिला के गर्भ में जुड़वा बच्चे थे।

एक को तो आशा वर्कर ने जैसे तैसे जन्म दिलवा दिया, लेकिन दूसरे बच्चे के नाम पर उनके हाथ खड़े हो गए। ऐसे में 108 कर्मियों ने पैदल ही पुल पार किया और टैंपु में ही महिला के दूसरे बच्चे को जन्म दिलवाया। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब तीनों की हालत ठीक है। लेकिन, ठेकेदार की लापरवाही पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

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