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उत्तराखंड: सभी कैंट बोर्ड किए गए भंग, जानें क्या है कारण

All cant board breaks

देहरादून: रक्षा मंत्रालय ने उत्तराखंड समेत देशभर के सभी कैंट बोर्डों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इनमें राज्य के नौ कैंट बोर्ड भी शामिल हैं। कैंट बोर्ड का कार्यकाल 10 फरवरी को को खत्म हो जाएगा। यह आदेश 11 फरवरी से प्रभावी होगा। रक्षा मंत्रालय ने जल्द से जल्द चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।

कैंट बोर्डों का कार्यकाल पांच साल का होता है। इस बार पांच साल का कार्यकाल एक साल पहले खत्म हो गया था, लेकिन चुनाव न होने के कारण कार्यकाल को छह माह और फिर छह माह का दूसरा एक्सटेंशन दिया गया। कैंट बोर्डों का एक्सटेंशन का समय 10 फरवरी को खत्म हो रहा है।

कैंट बोर्ड एक्ट में कार्यकाल को अधिकतम दो बार ही बढ़ाया जा सकता है। इसको देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने प्रदेश के नौ कैंट बोर्डों के साथ ही देश के सभी 56 कैंट बोर्डों को भंग कर दिया है। इसके साथ ही बोर्ड में सभी निर्वाचित सदस्यों के साथ ही उपाध्यक्ष और सेना के अधिकारियों की सभी शक्तियां खत्म हो जाएंगी। अगर जल्द चुनाव नहीं हुए तो कैंट बोर्ड में अध्यक्ष, सीईओ के साथ ही एक नामित सदस्य बोर्ड का संचालन करेंगे।

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