उत्तराखंड: धामी सरकार के 30 दिन दमदार, इन फैसलों ने किया साबित

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 30 दिन के कार्यकाल की चर्चा हर कोई कर रहा है। विपक्ष भी उनके 30 दिन के कार्यकाल में किए कामों पर चर्चा कर रहा है। उन्होंने जिस तरह से केवल एक महीने में यह साबित कर दिखाया कि दमदार फैसले कैसे लिए जाते हैं, उससे विपक्ष भी उनकी काट खोजने में जुटा हुआ है। जबकि सीएम धामी केवल अपना काम करने में जुटे हैं। अपने कार्यकाल के 30 दिनों में ही कई ऐसेे फैसले लिए, जिनका सीधा लाभ आम लोगों के साथ ही युवाओं को सबसे ज्यादा मिला।

मुख्मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिथि शिक्षकों का वेतन 15,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया। अतिथि शिक्षक सालों से वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे, लेकिन किसी ने उनकी मांग नहीं मानी, लेकिन धामी सरकार ने फैसला लेने में जरा भी देर नहीं लगाई और उनका वेतन बढ़ा दिया। कार्यरत अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर गृह जनपदों पर नियुक्ति देने का निर्णय लेकर उनको को बड़ी राहत दी।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को शामिल करने का निर्णय लिया गया। इसमें 4,000 रुपये से कम आय वालों को अन्तोदय योजना में और 15,000 रुपये आय से कम को प्राथमिक परिवार योजना में शामिल कर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के अन्तर्गत रखने का भी फेसला लिया।

कोविड प्रभाव को देखते हुए लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत और लोक सेव आयोग की परिधि से बाहर समूह ग के पदों पर चयन में अभ्यर्थियों को एक वर्ष की छूट दी गई। यह छूट 30 जून, 2022 तक लागू रहेगी। इससे उन युवाओं को राहत मिली, जो कोरोना काल में भर्ती प्रक्रिया बंद होने के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ओवरएज हो गए थे।

सरकार ने श्रीनगर, देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेजों में 501 पद सृजित किये, जिनमें श्रीनगर के लिये 122, देहरादून के लिए 250 और हल्द्वानी के लिए 129 पद होंगे। इसके अतिरिक्त श्रीनगर सुपर स्पेस्लिटी के भी 34 पद सृजित किए गए। इससे राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और लोगों को अच्छा इलाज मिल सकेगा।

राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इंटर्न डॉक्टरों ने आंदोलन भी किया। कई दौर की वार्ताएंए भी हुई, लेकिन उनकी मांग पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। सीएम धामी ने कमान संभालन के बाद बिना वार्ता के खुद ही उनकी समस्य का संज्ञान लिया और स्टाइपेंड का 7500 से बढ़ाकर सीधे 17000 प्रतिमाह कर दिया।

रोडवेज कर्मचारियों के वेतन के लिए भी सरकार ने कदम बढ़ाया। इनको कोरोना के कारण वेतन नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी पीड़ा का समझा और उनके पक्ष में फेसला लिया। वेतन के लिए एक ही बार में 34 करोड़ रुपये जारी किए। जिससे 16929 निगम कर्मचारियों का रुका हुआ वेतन मिलने लगा।

राज्य के पहाड़ी जिलों में आपदाएं आती रहती हैं। अतिवृष्टि और अन्य तरह की दैवीय आपदाओं के कारण लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सीएम धामी ने इसकी भी चिंता की और तत्काल राहत कार्यों के लिए पिथौरागढ़ में दो माह के लिये हेलीकॉप्टर तैनाती की स्वीकृति दी।

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