चंद्रयान-3 मिशन की डायरेक्टर है यूपी की बेटी डॉ. रितु कारिधाल, जानिए कैसे बनी वैज्ञानिक

भारत के लिए 14 जुलाई का दिन काफी अहम है क्योंकि आज चंद्रयान-3 लांच किया गया है। अब भारत का यह मून मिशन चंद्रयान-3 लगभग 50 दिन बाद चंद्रमा की सतह पर पहुंचेगा। पूरे दुनिया के वैज्ञानिकों की इस पर नजरें बनी हुई है। वहीं इस मिशन के पीछे लखनऊ की बेटी डॉ. रितु कारिधाल का हाथ है। इन्हीं महिला वैज्ञानिक के हाथों आज चंद्रयान-3 को लांच किया गया है। आइये जानतें हैं कौन है डॉ. रितु कारिधाल।
बचपन से ही आसमान और चांद में थी रुचि
1975 में जन्मी डॉ. रितु कारिधाल लखनऊ के मध्यम वर्गीय परिवार से आती है। बचपन से ही उन्हें चांद-सितारों और आसमान में काफी रूचि थी। वह बचपन से ही इसरो और नासा से जुड़े समाचार पत्रों के लेख, जानकारी और तस्वीरें इकट्ठा करती रहती थी। डॉ. रितु ने लखनऊ विश्वविघायल से भौतिकी में एससी और एमएससी की पढ़ाई की है। उसके बाद एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री लेने के लिए आईआईएससी, बंगलूरू में दाखिला लिया। वहीं डॉ. रितु ने 1997 से इंजीनियर के तौर पर इसरो में काम करना शूरू कर दिया था।
चंद्रयान-3 मिशन की डायरेक्टर है डॉ. रितु कारिधाल
वहीं इस बार चंद्रयान- 3 की लैंडिंग की पूरी जिम्मेदारी वरिष्ठ महिला वैज्ञानिक डॉ. रितु को सौंपी गई है। डॉ. रितु इस बार चंद्रयान-3 मिशन की डायरेक्टर है। वहीं अभियान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पी. वीरा मुथुवेल हैं। वहीं इससे पहले डॉ. रितु मंगलयान की डिप्टी ऑपरेशन डायरेक्टर और चंद्रयान-2 में मिशन डायरेक्टर रह चुकी है।
उत्तर प्रदेश में खुशी की लहर
वहीं उत्तर प्रदेश में डॉ. रितु कारिधाल के चंद्रयान-3 के मिशन डायरेक्टर बनने पर खुशी की लहर है। प्रदेश को शहर की बेटी पर गर्व है।