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Good news : ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेल लाइन में आया ये बड़ा अपडेट, यहां रेलवे ने बना ली सुरंग, जानिए कब से चलेगी ट्रेन

जल्द ही ऋषिकेश से कर्णप्रयाग का सफर आसान होने वाला है। बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में एक और सफलता मिली है। सुमेरपुर से नरकोटा के बीच सुरंग आर-पार हो गई है। इस परियोजना में अब केवल मुख्य सुरंग के आर-पार होने का इंतजार है।

सुमेरपुर से नरकोटा के बीच सुरंग हुई आर-पार

रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में एक और सफलता हाथ लगी है। रुद्रप्रयाग में सुमेरपुर से नरकोटा के बीच सुरंग आर-पार हो गई है। ये सुरंग 9.46 किमी लंबी है। बता दें कि ये सुरंग निकास सुरंग है। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मुख्य सुरंग भी आर-पार कर दी जाएगी।

125 किमी लंबी है ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेल लाइन

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन 125 किलोमीटर लंबी है। इस लाइन पर 16 सुरंगे हैं। इन सुरंगों के खुदान का काम भी लगभग 75 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। साल 2025 तक इन सुरंगों के खुदान का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि इस रेलवे लाइन का 105 किलोमीटर हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा। 2026 तक इस रेललाइन पर आवागमन शुरू हो जाएगा।

पूरी परियोजना में हैं 13 स्टेशन

आपको बता दें कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर कुल 13 स्टेशन हैं। जिसमें से योगनगरी रेलवे स्टेशन और वीरभद्र रेलवे स्टेशन का काम भी पूरा हो चुका है। सबसे खास बात कि योगनगरी रेलवे स्टेशन तक ट्रेनें चलने भी लगी हैं। इसके साथ ही देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर, धारीदेवी, तिलनी, घोलतीर, गौचर, शिवपुरी, ब्यासी और सिंवई (कर्णप्रयाग) में भी स्टेशन हैं।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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