उत्तराखंड : कामयाब थे त्रिवेंद्र के चार साल, तो मोदी नाम का सहारा क्यों?


देहरादून: 2022 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने चुनाव प्रचार महा अभियान शुरू कर दिया है। चुनाव से पहले भाजपा त्रिवेंद्र सरकार के चार साल के कामों को गिनवा रही थी। त्रिवेंद्र के चार साल, बेमिसाल भी बताए जा रहे थे। लेकिन, अब चुनाव आते ही त्रिवेंद्र कार्यकाल की चर्चा होनी ही बंद हो गई। चुनाव में भाजपा मोदी नाम के सहारे ही लड़ती नजर आ रही है।

पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री बनने तक त्रिवेंद्र का कार्यकाल बेमिसाल था, लेकिन अब वो चर्चा के लायक भी नहीं रहा। दावे किए जा रहे थे कि जो काम त्रिवेंद्र कार्यकाल में हुए हैं, उतने काम आज तक नहीं हुए। लेकिन, अब चुनाव आते ही त्रिवेंद्र सरकार के कामों के साथ ही त्रिवेंद्र का नाम भी गायब हो गया है। हालांकि, त्रिवेंद्र को भाजपा ने स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल तो किया है, लेकिन फिलहाल चुनाव प्रचार में अब तक कोई बड़ी भूमिका नहीं दी है।

इस चुनाव में ना तो भाजपा उनके कार्यकाल के कामों को गिनवा रही है और ना उनके नाम का कहीं जिक्र हो रहा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो त्रिवेंद्र कार्यकाल में जो भी बड़े फैसले हुए थे। पुष्कर सिंह धामी कार्यकाल में उन फैसलों को पलट दिया गया। इससे एक बात तो साफ है कि त्रिवेंद्र सरकार में ने राज्य की जनता को झुनझुने पकड़ाने के अलावा कोई काम नहीं हुआ।

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