आप का आरोप : पर्यटन उत्तराखंड की रीड़ की हड्डी, लेकिन सरकार की लापरवाही ने इसे तोड़ कर रख दिया

देहरादून : चारधाम पर्यटन से होने वाले नुकसान पर आम आदमी पार्टी प्रवक्ता संजय भट्ट ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, प्रदेश की पहाड़ी जिलों के लोगों की आर्थिकी राज्य में होने वाली चारधाम यात्रा पर पूरी तरह निर्भर है। जिससे हजारों लोगों का रोजगार जुडा हुआ है। लेकिन राज्य सरकार की गलत नीतियों की वजह से आज प्रदेश में हर वर्ष आयोजित होने वाली चारधाम यात्रा कोरोना से प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि, अगर समय से राज्य सरकार यहां के लोगों पर टीका लगवा देती तो आज प्रदेश को इन हालातों से नहीं गुजरना पडता।

उन्होंने कहा कि, पर्यटन उत्तराखंड की रीड की हड्डी है। लेकिन सरकार की लापरवाही ने इसे तोड़ कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि, हर साल यहां देश विदेश से लाखों लोग दर्शनों के लिए आते हैं लेकिन विगत वर्ष और इस साल सरकार की खामियां के चलते यात्रा ना होने से हजारों लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जिसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं के रोजगार पर संकट आ गया है। उन्होंने कहा कि गाडी, होटल, खच्चर, लाॅज, रिसाॅर्ट, गाईड, ढाबे, कई तरह से लोगों का इससे सीधा रोजगार जुडा़ हुआ है,जो अब पूरी तरह से प्रभावित हुआ है।

आज प्रदेश की जनता एक ओर जहां कोरोना से जूझ रही है तो दूसरी ओर चारधाम यात्रा प्रभावित होने से भी लोगों की रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं। ऐसे में इन लोगों के पास रोजगार का कोई साधन नहीं है। उन्होंने कहा कि, पहाड़ में कभी लोगों को मौसम की मार से दो चार होना पडता है तो, विगत वर्ष से लोग इस महामारी से लगातार जूझ रहे हैं। ऐसे में ये सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि लोगों को आर्थिक रुप से मजबूत करे लेकिन सरकार इसमें भी पूरी तरफ विफल हो गई है।

चार धाम यात्रा ना होने से जहां काम धंधे और रोजगार प्रभावित हुआ है। वहीं लोगों पर बैंकों का लोन चुकाने का भार पड़ चुका है। हालत ये हैं कि ट्रांसपोर्ट चलाने वाले अपने गाडि़यां बेचने और परमिट सरेंडर करने को मजबूर हैं। ऐसे में आप प्रवक्ता ने कहा, सरकार महज कोरे दावे कर रही है हजारों लोगों को वो दो वैक्सीन की डोज लगा चुकी है जबकि सच्चाई इससे कोशों दूर हैं ।

आप प्रवक्ता ने कहा, जिन लोगों को वैक्सीनेशन की दो डोज लग चुकी है ऐसे लोगों को चारधाम यात्रा की छूट दी जानी चाहिए ताकि यात्री चारधामों के दर्शनों को उत्तराखंड आ सकें। इसके अलावा जिस तरह से मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासियों के लिए आर टी पीसीआर रिपोर्ट लाने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। उसी प्रकार वही शर्तें भी यहां लाूग हों, लेकिन एतिहात भी बरते जाएं। इससे पर्यटन को एक ओर जहां बढावा मिलेगा तो, दूसरी ओर चारधाम यात्रा को सुगम बनाए जाने के साथ लोगों को रोजगार भी मुहैया हो सकेगा।

आज चारधाम यात्रा से जुडे लाखों लोग अपना व्यवसाय कर रहे हैं,जिनमें अधिकांश लोगों ने बैंकों से ऋण लिया है उनकी स्थिति को देखते हुए सरकार को उनके साथ साथ अन्य लोगों के लिए आर्थिक पैकेज पर विचार करना चाहिए ताकि लोगों के आगे बेरोजगारी की नौबत ना आए। और प्रदेश में हर साल आयोजित होने वाली चारधाम यात्रा सरकार की गलत नीतियों की भेंट ना चढ पाए।

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