ये उत्तराखंड पुलिस है, नियम तोड़ने पर छोड़ती नहीं है, चाहे वो सांसद हो या पर्यटक

देहरादून : उत्तराखंड में कोरोना का कहर कम होने के बाद सरकार ने प्रदेश की जनता समेत बाहरी राज्यों के लोगों को छूट दी है। बाहरी राज्यों के लोगों को आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट के साथ उत्तराखंड में प्रवेश करने दिया जा रहा है। बावजूद इसके बाहरी राज्यों के लोगों का उत्तराखंड आना जारी है। हर रोज सैंकड़ों लोग उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों पर दस्तक दे रहे हैं लेकिन इसी के साथ कई पर्यटक स्थलों पर कोविड गाइनलाइन का पालन कराने पर पुलिस के साथ पर्यटक अभद्रता कर रहे हैं। इतना ही नहीं कई दुकानदारों के साथ भी पर्यटक बदसलूकी करते पाए गए हैं। कोई पुलिस को सत्ता की हनक दिखाता मिला तो कोई रुतबा बताता और दिखाता दिखा. वहीं आए दिन पर्यटकों की पुलिस के साथ अभद्रता करने का वीडियो वायरल हो रहे हैं। हाल ही में ऐसा वीडियो मसूरी से सामने आया था और अब नैनीताल से खाकी से अभद्रता करने और गाली गलौच करने का मामला सामने आया है जिसका वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। लेकिन ये भी उत्तराखंड पुलिस है नियम तोड़ने वालों को छोड़ेगी नहीं. चाहे वो बाहर के हो या प्रदेश के या कोई नेता-सांसद हो। ये बात सही साहित हुई इन दो घटनाओं से…

पहली घटना

पुलिस को सरकार और उच्च अधिकारियों का आदेश है कि पर्यटकों से कोविड गाइनलाइन और एसओपी का पालन कराया जाए और अगर पुलिस अपनी ड्यूटी करती है तो बाहरी राज्य के लोग उनसे अभद्रता गाली गलौच कर रहे हैं और तो और पुलिस अधिकारियों को वर्दी उतरवा देने की धमकी दे रहे हैं जिससे पुलिस का मनोबल गिर रहा है। आज नैनीताल का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है जिसमे हिमाचल के पर्यटक एक काली फिल्म लग कार में आए। चेकिंग कर रही दारोगा ने जब कार से फिल्म उतारने को कहा तो महिला पर्यटका पारा चढ़ गया। महिला ने अपना रुतबा दिखाते और बताते हुए कहा कि वो उसकी वर्दी उतरवा देंगे।

इतना ही नहीं महिला पर्यटक और उसके साथियों ने पुलिस को गाली तक दी और साथ ही उनको ये कहकर धमकी दी कि उनकी कार 6 करोड़ की है, हाथ मत लगाना। मौके पर मौजूद लोगों ने भी महिला को समझाने की कोशिश की लेकिन महिला पर्यटक की बत्तमीजी बढ़ती गई और फिर पुलिस सबको कोतवाली ले आई और चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। साथ ही उनकी महंगी कहलाई जाने वाली कार को भी सीज किया।

 

दूसरी घटना

उत्तर प्रदेश के बरेली मंडल की आंवला सीट से भाजपा सांसद धर्मेन्द्र कश्यप शनिवार को जागेश्वर धाम में पूजा अर्चना के लिए पहुंचने के बाद भड़क गए. 6 बजे कोविड गाइडलाईन को लेकर मंदिर बंद किया जाता है. जब प्रबंधक सहित अन्य पुजारियों ने सांसद को मंदिर के समय की बात कही तो सांसद भड़क उठे और मंदिर परिसर में ही गाली-गलौज पर उतर आये. जिसके बाद मंदिर परिसर में जमकर बवाल हुआ और सांसद वापस लौट गये. ये मामला तूल पकड़ता गया और कांग्रेस ने सांसद के इस अभद्रता के खिलाफ मौन व्रत रख और धरना दिया। वहीं बता दें कि सांसद के खिलाफ मुदकमा दर्ज किया जा चुका है।

तीसरी घटना

तीसरी घटना 5 जुलाई की तल्लीताल की है जहां पुलिस को मास्क पहने बिना खांस रही एक महिला सैलानी को चालान करने के साथ ही गिरफ्तार करना पड़ा। हुआ यह कि महिला अपने पति के साथ बिना मास्क पहने हुए तल्लीताल डांठ के पास स्थित पुलिस की चेकपोस्ट के करीब से गुजर रही थी। पुलिस कर्मियों ने उसे मास्क न पहनने पर चालान करने को कहा तो वह खुद को चार महीने की गर्भवती और तबीयत खराब बताते हुए महिला-पुरुष पुलिस कर्मियों से बुरी तरह से उलझने लगी। कभी वह खुद को पत्रकार तो कभी दिल्ली पुलिस से संबंध होने की बात कह कर रुतबा दिखाने लगी और पुलिस कर्मियों पर ही अभद्रता करने का आरोप लगाती रही, जबकि पुलिस की ओर से उसके मास्क पहने बिना आने से लेकर उसे टोकने और उसके पुलिस कर्मियों से उलझने की पूरी घटना पुलिस कर्मियों के द्वारा रिकॉर्ड की जा रही थी। वह इस बीच समझाने की कोशिश कर रहे अपने पति को भी चुप कराती नजर आई। तजिसके बाद उसे बमुश्किल पकड़कर थाने ले जाया गया और उसे सीआरपीसी की धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर एसडीएम के न्यायालय में पेश किया गया।

पुलिस का गिर रहा मनोबल

लगातार देवभूमि और पर्यटक स्थलों पर इस तरह की घटनाएं बढ़ रही है जिससे पुलिस को मनोबल टूट रहा है। एक तरफ सरकार और विभाग का प्रेशर, ऊपर से लोगों की बदसलूकी…आखिर पुलिस करे तो करे क्या। नियमों का पालन भी कराना है और नियम तोड़ने पर कार्रवाई भी करनी है लेकिन कार्रवाई करने पर खाकी के साथ अभद्रता, बदसलूकी और गाली गलौच की जा रही है। कई जगहों पर पुलिस की कार्रवाई का वीडियो तक बनाकर अपलोड किया जा रहा है और मित्र पुलिस को बदनाम करने का काम किया जा रहा है।

उत्तराखंड आकर कर रहे कुछ लोग माहौल खराब

उत्तराखंड के लोग और पुलिस मेहमानों का स्वागत करती है और अच्चे स्वभाव की उम्मीद करती है लेकिन कुछ लोग ये माहौल खराब करने का काम करते हैं। कई बार खाकी को अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की मदद करते, गरीबों की मदद करते देखा गया है. हर रोज सड़कों पर खड़े होकर पुलिस लोगों से नियम का पालन करा रही है ताकि कोरोना संक्रम की चेन को तोड़ सकें लेकिन इसमे सहयोग करने की जगह पुलिस से भिड़ा जा रहा है औऱ गाली तक दी जा रही है। कइ लोगों का कहना है कि बाहरी राज्यों के लोग उत्तराखंड में आकर यहां की शांति भंग कर रहे हैं जो की बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस लगातार शांति बनाए रखने की कोशिश कर रही है लेकिन बाहरी राज्यों से आई पर्यटक औऱ जिम्मेदार सांसद तक ऐसी हरकत कर रहे हैं जिससे उत्तराखंड की और पर्यटक स्थलों की शांति भंग हो रही है। लेकिन ये भी उत्तराखंड पुलिस है जो किसी को छोड़ने वाली नहीं है। पुलिस की कार्रवाई से साफ है कि चाहे वो आम जनता हो या नेता सांसद अगर नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।इसके लिए सरकार को और विभाग को ऐसे निमय बनाने की जरुरत है जिससे ऐसी हरकत करने वाले लोगों को सबक मिले। और साथ ही पुलिस ऊर्जावान हो और अपनी ड्यूटी निभा सके।

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