ये हैं देश के सबसे युवा IAS-IPS, कोई 21 तो कोई 22 साल की उम्र में बना अफसर


मंजिल पाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है और कई चीजों से दूर रहना होता है. कई लोग तो ऐसे हैं जो अपनी मंजिल पाने के लिए दोस्ती यारी, टीवी, सोशल मीडिया, घूमना फिरना छोड़ देते हैं और उनका फोकस सिर्फ अपनी मंजिल पर होता है। ऐसे कई अधिकारी आज देश में हैं जो कम उम्र में अफसर बने और देश के लिए काम कर रहे हैं। इनमे टीना डाबी से लेकर अंसार अहमद शेख शामिल हैं।
अंसार अहमद शेख
सबसे युवा अफसरों की सूची में सबसे पहला नाम अंसार अहमत शेख का है। इन्होंने मात्र 21 साल की उम्र में ये परीक्षा पास की। ये भारत के सबसे युवा आईएएस ऑफिसर हैं। शेख ने देश की प्रतिष्ठित यूपीएससी परीक्षामें 371वीं रैंक हासिल की। अंसार के पिता ऑटो रिक्शा चलाते थे और मां खेती में मजदूरी करती थी। उन्होंने कड़ी मेहनत से ये मुकाम हासिल किया और आज देशसेवा में अपना योगदान दे रहे हैं।

टीना डाबी
सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहने वाली युवा अफसरों में टीना डाबी का नाम भी शामिल हैं। 2015 की टॉपर टीना ने 20 साल की उम्र में ग्रेजुएशन के बाद दो साल तैयारी के बाद 22 साल उम्र में आईएएस परीक्षा में टॉप किया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया था। वह बताती हैं कि उनकी मां ने टेलिकॉम डिपार्टमेंट में लंबी नौकरी के बाद सिर्फ इसलिए वीआरएस ले लिया ताकि बेटी को पढ़ा सकें। टीना ने कई विषयों में 100 पर्सेंट मार्क्स हासिल किए थे। टीना डाबी सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा फॉलो की जाने वाली अफसर भी हैं।

रोमन सैनी
रोमन सैनी का नाम सबसे कम उम्र के आईएएस अफसर में आता है। रोमन ने यूपीएसई परीक्षा को महज 22 साल की उम्र में क्रैक कर लिया था। उन्होंने ऑल इंडिया में 18वीं रैंक हासिल की थी। रोमन डॉक्टर के पद को छोड़ अफसर बने थे। इसके बाद वो युवाओं के रोल मॉडल बन गए थे कि उन्होंने दूसरों का भविष्य संवारने अफसर के पद को छोड़ दिया। आज वो अनएकेडमी नाम की संस्था चलाते हैं और लाखों बच्चों को यूपीएससी सहित कई एग्जाम की तैयारी के लिए अॉनलाइन पढ़ रहे हैं। इसमें देश के टॉप एजूकेटर बच्चों को यूपीएसई/रेलवे/एसएससी/ आदि सरकारी नौकरी से जुड़ी परीक्षाओं की तैयारी करवाने में मदद करते हैं।
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IPS हसन सफीन
देश के सबसे युवा अफसरों में आईपीएस हसीन सफीन का नाम जरूर आता है। सफीन ने यूपीएसई सिविल सेवा परीक्षा 2018 का एटेम्पट दिया और 570 रैंक हासिल कर भारत के सबसे युवा आईपीएस अफसर बने। सफीन एक साधारण परिवार से हैं। उनके अफसर बनने तक का सफर काफी मुश्किलों भरा रहा। आर्थिक तंगी, सुविधाओं की कमी और बिना मार्गदर्शन के हसन ने हर मुश्किल को पार करते हए अपना सपना पूरा किया। वो आज देश में लाखों युवाओं की प्रेरणा बन गए हैं।
वैभव गोंडाने
युवा दिवस पर पुणे के वैभव गोंडाने का नाम भी सामने आता है जो युवा अफसरों की लिस्ट में शामिल हैं। मात्र 22 साल की उम्र में यूपीएससी परीक्षा पहले ही अटेम्पट में पास कर वैभव ने इतिहास रचा था। उन्होंने AIR 25वीं रैंक हासिल की थी। वैभव मानते हैं कि इस क्षेत्र में आने के पीछे का आपका मजबूत मोटिवेशन बहुत महत्व रखता है। अगर आप सच में देश के लिए, समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं तो यह क्षेत्र आपके लिए बेस्ट है। यहां गाड़ी-पैसा बंग्ला के लालच में आने वाले कहीं नहीं टिकते।

IAS स्वाति मीणा नाइक
सबसे युवा अफसरों की लिस्ट में टीना डाबी सहित 22 साल की स्वाति मीणा का नाम भी सामने आता है। जब उन्होंने यह एग्जाम पास किया तो स्वाति महज 22 साल की थीं। उन्होंने 260 वीं रैक में सफलता पाई थी। IAS स्वाति ने यूपीएसी एग्जाम को पास करने से पहले बिजनेस करने की सोची थी। उन्होंने एक पेट्रोल पम्प शुरू किया था लेकिन पैरेंट्स को लड़कियों के लिए ये एक मुश्किल काम लगा। फिर बाद में वो सिविल सेवा में आने का फैसला किया और कम उम्र में ही सफलता हासिल की।

IAS अमृतेश औरंगाबादकर
युवा अफसरों में अमृतेश औरंगाबादकर का नाम भी शामिल हैं। इन्होंने साल 2011 में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी और 10 रैंक हासिल की थी। पुणे के रहने वाले अमृतेश ने 22 साल की उम्र में इस परीक्षा में सफलता हासिल की थी। साल 2012 बैच के गुजरात कैडर के IAS अधिकारी हैं। फैमिली बैकग्राउंड की बात करें तो अमृतेश के माता पिता डायमंड की एक यूनिट में हीरा तराशने का काम करते थे। लेकिन कुछ समय बाद नौकरी छूट जाने के कारण परिवार को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

आईएएस नादिया बेग
कश्मीर के कुपवाड़ा जिले की मात्र 23 साल की नादिया बेग ने UPSC की सिविल सेवा परीक्षा 2019 में सफलता हासिल की। यूपीएससी 2019 के रिजल्ट घोषित होते ही नादिया सोशल मीडिया पर छा गई थीं। नादिया ने इस परीक्षा में 350वीं रैंक हासिल की। नादिया बेग के माता-पिता सरकारी शिक्षक हैं। नादिया जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) स्नातक हैं। नादिया ने कहा कि, उन्होंने जी-जान से की गई मेहनत से ये सफलता हासिल की। युवाओं के लिए प्रेरणा बनीं नादिया को कुपवाड़ा जिले की पहली महिला अफसर का खिताब हासिल हुआ।
