उत्तराखंड : अबसेंटी मतदाताओं को लेकर मची खलबली, जानें क्या है पूरा मामला

देहरादून: विधानसभा चुनाव के लिए पहले ही 14 फरवरी को मतदान हो चुका है। लेकिन, डाक मतपत्रों के जरिये मतदान की प्रक्रिया जारी है। इस बीच कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि प्रत्याशियों को अब तक भी एबसेंटी मतदाताओं यानी 80 से अधिक आयु वाले और दिव्यांगों की सूची उपलब्ध नहीं कराई गई।

कुछ प्रत्याशियों की ओर से इस संबंध में गड़बड़ी की आशंका जताने के बाद खलबली मची है। राज्य के विधानसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग की ओर से पहली बार दिव्यांग, 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग और अशक्तजनों की सुविधा के लिए मतदाताओं के घर पर जाकर मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। इसके लिए ऐसे लोगों से पहले ही फॉर्म 12-डी भरवाया गया था।

ऐसे लोगों को एबसेंटी वोटर नाम दिया गया था। जिनकी कुल संख्या 16 हजार 858 थी। इनमें 14 हजार 569 मतदाता 80 प्लस वाले, दो हजार 162 दिव्यांग और 127 अति आवश्यक सेवा वाले मतदाता थे। निर्वाचन आयोग के अनुसार, 12 फरवरी तक 15 हजार 940 एबसेंटी मतदाता अपने मत का प्रयोग कर चुके थे।

निर्वाचन कार्यालय की मानें तो सभी प्रत्याशियों को एबसेंटी मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन कांग्रेस के कुछ प्रत्याशियों की ओर से उन्हें सूची उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद से पार्टी में खलबली मची है। 25 प्रत्याशियों की ओर से बताया गया कि उन्हें एबसेंटी मतदाताओं की सूची उपलब्ध नहीं कराई गई।

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