HealthHighlight

हो रही है थकान? तो ना करें नजरअंदाज! इन गंभीर हार्मोनल बदलाव के हो सकते हैं लक्षण

thakan kyon lagti hai: अगर आपको भी आजकस बिना वजह थकान महसूस हो रही है तो ये आर्टिकल आपके लिए है। अक्सर लोगों में देखा गया है कि कम उम्र में ही थकान, सांस फूलने आदि की समस्या शुरू हो जाती है। हालांकि इन समस्याओं को आम समझने की गलती बिल्कुल भी ना करें। शरीर में हो रही हर एक समस्या हमें किसी बीमारी या फिर किसी पोषक तत्व की कमी का संकेत देती हैं। हम इसे काम का दबाव, उम्र या नींद की कमी मानकर इग्नोर कर देते है। चलिए इस आर्टिकल में थकान के कारण को जानते है।

थकान के पीछे है विटामिन बी12 की कमी? Vitamin ki Kami

शरीर में कमजोरी, थकान या फिर बार-बार चक्कर आने जैसी समस्याओं के पीछे विटामिन बी12 की कमी भी हो सकती है। वैसे तो हर एक विटामिन शरीर के लिए काफी जरूरी होता है। लेकिन विटामिन बी12 शरीर में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ये नर्वस सिस्टम और रेड बल्ड सेल्स के फक्शन के लिए काफी जरूरी होता है। शरीर में इसकी कमी होने से थकान, चक्कर, हाथ-पैरों में झनझनाहट के साथ-साथ सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है।

Vitamin D की कमी से आ सकता है आलस!

शरीर के लिए विटामिन डी काफी जरूरी होता है। इसकी कमी के कारण शरीर सुस्त, मांसपेशियों की ताकत कम, कमजोरी आदि समस्याएं देखने को मिलती है। विटामिन डी की कमी होने से शरीर जल्दी थकने लगता है। इसकी कमी से हड्डियों में कैल्शियम भी अवशोषित नहीं हो पाता। जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। साथ ही टूटन का भी खतरा ज्यादा देखने को मिलता है। इसके अलावा जोड़ों में भी दर्द की समस्या देखी जाती है।

Vitamin b9 की कमी

विटामिन बी9 को फोलिक एसिड के नाम से भी जाना जाता है। शरीर में अगर थकान, कमजोरी, सांस फूलना और सिर घूमना आदि समस्या देखने को मिलती है तो ये फोलिक एसिड की कमी से भी हो सकता है। विटामिन बी9 की कमी से शरीर में पर्याप्त मात्रा में रेड ब्लड सेल्स नहीं बन पाते। जिससे एनीमिया होने का खतरा बढ़ता है।

विटामिनों के अलावा अन्य पोषक तत्व

विटामिन के अलावा कई और भी पोषक तत्व हैं जिनकी कमी से शरीर में कमजोरी, सांस फूलना, थकान महसूस होना आदि के लक्षण दिखाई देते हैं। जिसमें आयरन, मैग्नीशियम आदि की कमी भी शामिल है।

समय पर करें लक्षणों की पहचान

विटामिन और अन्य पोषक तत्वों की कमी को इग्नोर ना करें। ऐसा इसलिए क्योंकि शुरुआत में इनके लक्षण दिखाई देते है। जिसके बाद ये धीरे-धीरे किसी गंभीर बीमारी में विकसित हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि ब्लड टेस्ट के जरिए आप सही कारण का पता लगा लें।जिससे समय पर इलाज कर इसे रोका जा सके।

Disclaimer: प्रिय पाठक ये आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी के लिए है। हम कोई डॉक्टर नहीं है। कृपया इसे सलाह के रूप में ही लें। इस आर्टिकल में बताई गई बातें चिकित्सा राय नहीं है।सलाह अपनाने से पहले विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें