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5 दिन बाद खुला टनकपुर-चंपावत हाईवे, प्रशासन व जनता ने ली राहत की सांस

टनकपुर-चंपावत हाईवे बीते पांच दिनों से स्वाला के पास भारी मात्रा में मलबा आने के कारण बंद था। एनएच के कर्मचारियों की पांच दिन और रात की कड़ी मशक्कत के बाद स्वाला में बंद पड़े टनकपुर-चंपावत हाईवे को खोल दिया गया है। अब हाईवे को यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है।

5 दिन बाद खुला टनकपुर-चंपावत हाईवे

टनकपुर-चंपावत हाईवे पांच दिन तक बंद रहा जिसके कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एनएच के चीफ इंजीनियर दयानंद व एसई अनिल पांगती के दिशा निर्देश पर एनएच के अधिकारियों व मजदूरों के द्वारा 5 दिन की कड़ी मेहनत के बाद रविवार को एनएच को सभी छोटे व बड़े वाहनों के लिए खोलने में सफलता हासिल की है। सभी बड़े व छोटे वाहनों को सुरक्षित तरीके से निकाला गया।

2 बजे से शाम 6 बजे तक वाहनों को किया जाएगा संचालित

डीएम चंपावत नवनीत पांडे के द्वारा पल-पल एनएच जानकारी अधिकारियों से ली जा रही थी। चीफ इंजीनियर दयानंद ने बताया एनएच को सुचारु कर दिया गया है।सोमवार से जिला प्रशासन के द्वारा दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक एनएच में वाहनों को संचालित किया जाएगा। स्थिति सुधरने के साथ समय सीमा बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि एनएच के द्वारा पहाड़ी ट्रीटमेंट का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। एनएच में अभी खतरा बना हुआ है ट्रीटमेंट में काफी वक्त लगेगा।

प्रशासन व जनता ने ली राहत की सांस

एनएच खुलने से प्रशासन व जनता ने राहत की सांस ली है। हाईवे बंद होने का असर बनबसा से लेकर धारचूला तक देखने को मिला है। पांच दिन हाईवे बंद रहने के कारण जरूरी वस्तुओं की किल्लत काफी बढ़ चुकी थी। जनता और व्यापारियों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा था।

एनएच के होटलों व ढाबों में एक बार फिर से रौनक लौटने लगी है। एनएच खुलने से सबसे बड़ी राहत चंपावत प्रशासन को मिली है। स्वाला में स्थिति इतनी नाजुक हो चुकी थी कि एनएच के चीफ इंजीनियर व अधीक्षण अभियंता को खुद मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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