बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत 13 मृतकों का पार्थिव शरीर ला रही एक एंबुलेंस हादसे का शिकार

भारतीय वायु सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर बुधवार को तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के कुन्नूर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें देश ने अपने पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के अलावा 11 सैनिकों की मौत हो गई।

इस हादसे के बाद अब एक और नए हादसे की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका समेत 11 अन्य मृतकों का पार्थिव शरीर ले जा रही एंबुलेंसों में से एक का एक्सिडेंट हो गया है।

जानकारी के मुताबिक, आज सुबह मृतकों का पार्थिव शरीर वेलिंगटन से मद्रास रेजिमेंटल सेंटर लाया गया था और यहां से एंबुलेंस के जरिए सुलुर एयरबेस ले जाया जा रा था। इस दौरान काफिले में शामिल एक एंबुलेंस का संतुलन बिगड़ गया और पहाड़ी से जा टकराई।

इस दौरान एंबुलेंस खाई में गिरने से बाल-बाल बची। अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर सामने नहीं आई है। फिलहाल, जो जानकारी मिल रही है, उसके मुताबिक, सुलुर एयरबेस से आज शाम तक पार्थिव शरीरों को दिल्ली के लिए एयरलिफ्ट किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हेलिकॉप्टर क्रैश होने के बाद सीडीएस जनरल बिपिन रावत जिंदा थे। रेस्क्यू टीम द्वारा मलबे से बाहर निकालने जाने पर उन्होंने अपना नाम भी बताया था। दरअसल, हादसे के बाद राहत और बचाव के लिए पहुंची टीम में शामिल एन सी मुरली ने बताया कि ‘हमने 2 लोगों को जिंदा बचाया, जिनमें से एक सीडीएस बिपिन रावत थे।

उन्होंने धीमी आवाज में अपना नाम बताया। उनकी मौत अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में हुई। हम उस वक्त जिंदा बचाए गए दूसरे शख्स की पहचान नहीं कर सके। बाद में उनकी पहचान हुई कि वह ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह थे।’ वरुण सिंह एकमात्र व्यक्ति है, जो हादसे में जिंदा बचे है।

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