उत्तराखंड: नौ दिन पहले हुआ था चीनी मिल का शुभारंभ, अब भी शुरू नहीं हुआ उत्पादन

सितारगंज: चीनी मिल 4 वर्षों बाद शुरू हुई, लेकिन पेराई सत्र के उद्घाटन के 9 दिन बाद भी उत्पादन शुन्य चल रहा है। गन्ना किसानों का गन्ना खराब होने की वजह से किसानों में मिल प्रबंधन के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है। लंबे समय से मिल बंद होने की वजह से मशीनों में आई तकनीकी खामियों की वजह से मिल में आए दिन लगातार कोई न कोई दिक्कत सामने आ रही है।

तकनीकी खामियों की वजह से मिल का सुचारू रूप से संचालन नहीं हो रहा है।मिल में उत्पादन बंद होने की वजह से गन्ना शोपीस बनकर रह गया है। अब गन्ना किसानों को गन्ने की खराब होने की चिंता है और खेतों में खड़े गन्ने से किसान परेशान हैं। 29 नवंबर को उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी और गन्ना उद्योग मंत्री स्वामी यतिस्वरानंद क्षेत्रीय विधायक सौरभ बहुगुणा ने संयुक्त रूप से चीनी मिल में पेराई सत्र का उद्घाटन किया था।

9 दिन बीत जाने के बाद भी चीनी मिल की मरम्मत में जुटे अधिकारी खराब मशीनों में काबू नहीं कर पा रहे हैं। वही कार्यदाई संस्था के यूनिट हेड अतुल दुबे का कहना है कि सालों से मशीनों के बंद होने की वजह से कंट्रोल पैनल वायल में तकनीकी खामियों का सामना करना पड़ रहा है वही जानकारी के मुताबिक मिल के पास जरूरी ईंधन तक उपलब्ध नहीं है मिल प्रबंधन ईंधन की जुगत में लगा हुआ है।

मंगलवार को किसानों ने मिल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खेतों व क्रय केंद्रों में गन्ना खराब हो रहा है गन्ना किसानों ने मिल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 9 तारीख की 9रू00 बजे तक चीनी मिल का संचालन नहीं होता है तो संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चीनी मिल पहुंचकर धरना प्रदर्शन करेगा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व विधायक नारायण पाल ने मिल में पहुंचकर चीनी मिल प्रबंधन से वार्ता की है।

अब देखना है कि आगामी 9 तारीख तक चिनी मिल का पुनः संचालन होता है या नहीं। चीनी मिल के जीएम आरके सेठ ने कहा कि तकनीकी खराबी की वजह से मिल संचालन का काम अवरूद्ध हो रहा है दूसरी चीनी मिलों से सहयोग लिया जा रहा है जल्दी ही मिल का पुनः संचालन होगा ।

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