VIDEO नाचा पूरा गांव : खेत में मजदूरी करके की पढ़ाई, 5 बजे उठकर लगाई दौड़, BSF हुआ में सेलेक्शन

बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं है। बेटियां देश की रक्षा भी कर रही हैं तो बेटियां देश को चला भी रही है। बेटियों की सफलता देखकर उनके माता-पिता भी गर्व महसूस कर रहा है। एक ऐसी ही गांव की बेटी है जो अब वर्दी पहनकर देश की रक्षा करेगी। बेटी के वर्दी पहनने पर ना सिर्फ परिवार वाले बल्कि गांववाले खुश हुए और उन्होंने वर्दी में बेटी का घोड़े पर जुलूस निकाला. ढोल-नगाड़ों के बीच घोड़े पर बैठी फौजी बेटी को पूरे गांव में घुमाया गया और डांस किया गया। इस दौरान वर्दी पहने बेटी ने भी जमकर डांस किया।

बता दें कि ये वीडियो है राजगढ़ जिले के पिपल्या रसोड़ा गांव की जहां गांव में रहने वाली संध्या का बीएसएफ में सेलेक्शन हुआ। अपनी 8 महीने की ट्रेनिंग पूरी करके लौटी बेटी का गांव वालों ने भव्य स्वागत किया। बेटी को वर्दी में देख ना सिर्फ परिवार बल्कि पूरा गांव भावुक हो गया. गांव के लोगों ने बेटी की कामयाबी पर खुशियां मनाईं. इस मौके पर संध्या ने कहा कि यह मेरे लिए यादगार पल है.

बता दें कि नरसिंहगढ़ तहसील के पिपल्या रसोड़ा गांव की संध्या(27) के पिता देवचंद भिलाला मजदूरी का काम करके परिवार पालते हैं. घर मे तीन बेटियां और दो बेटे हैं. देवचंद की तीसरे नंबर की बेटी संध्या भिलाला इसी साल अप्रैल में BSF की भर्ती में शामिल हुईं. उन्होंने BSF में भर्ती परीक्षा और फिजिकल टेस्ट पास कर लिया. भर्ती होने के बाद वे BSF की ट्रेनिग के लिए राजस्थान चली गईं. ट्रेनिंग खत्म होने के बाद अपने गांव लौटीं. पूरे 8 महीने बाद जब वे अपने गांव लौटीं तो परिवार सहित पूरा गांव खुशी से झूम उठा. गांव वालों ने संध्या का जोरदार स्वागत किया.

अब संध्या नेपाल, भूटान की बॉर्डर पर देश की सुरक्षा में तैनात होंगी. एमए तक पढ़ाई करने वाली संध्या ने यहां तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है. परिवार की माली हालत ठीक न होने से संध्या ने दूसरों के खेतों पर मजदूरी की. अपनी मेहनत से कमाए रुपए से संध्या ने 12 वीं की पढाई पूरी की.वो रोद सुबह 5 बजे दौड़ने जाती थीं और अपनी मेहनत के बल पर आज वो बीएसएफ का हिस्सा बन गई हैं।

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