उत्तराखंड : एक्शन में नजर आईं विधानसभा अध्यक्ष, अधिकारियों पूछे सवाल, कैसे होगा विकास ?

 

देहरादून: कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र का रोडमैप तैयार करने एवं विकास कार्यों की समीक्षा के लिए उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने शासन स्तर व विभाग के उच्च अधिकारियों से संबंधित विभागों के आधार पर बैठक ली। यहां विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से संबंधित विभागों के आधार पर कई महत्वपूर्ण सवाल किये तो वहीं जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष का अफसरों के साथ सख्त अंदाज देखने को मिला।

कोटद्वार से विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद ऋतु खंडूडी भूषण अपने क्षेत्र के विकास के लिए एक्शन मूड में दिख रही है, जिसके चलते वह लगातार अलग अलग विभाग के अधिकारियों के साथ क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर समीक्षा कर जरूरी सुझाव एवं दिशा निर्देश दे रही हैं। इसी कड़ी में विधानसभा भवन देहरादून में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान शहरी विकास, आवास विकास, ऊर्जा विभाग, पेयजल विभाग एवं परिवहन विभाग के सचिव स्तर से लेकर विभागीय अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में पूर्ण हो चुके विकास कार्य, संचालित योजनाओ और भविष्य में होने वाले विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी सामंजस्य से कार्य करें और क्षेत्र की समस्याओं का निस्तारण शीघ्र किया जाए।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने शहरी विकास विभाग के अधिकारियों से कोटद्वार में कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रेचिंग ग्राउंड बनाए जाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में ट्रेचिंग ग्राउंड ना होने से वहां रोजाना निकलने वाले कूड़े कचरे का निस्तारण एक बड़ी समस्या है। वहीं, उन्होंने अधिकारियों से कोटद्वार में सीवर की समस्या को दूर करने के लिए स्थान चिन्हित कर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने की बात कही। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने शहरी विकास विभाग से कोटद्वार क्षेत्र में पानी की समस्या को दूर करने के लिए (अटल मिशन आफ रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉरमेशन) अमृत 2.0 योजना की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली।

अमृत 2.0 योजना के तहत शहरी क्षेत्र के हर घर पानी कनेक्शन मिलेगा एवं हर घर को सीवर या सेप्टिक टैंक से जोड़ने की योजना है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने आवास विकास विभाग से पार्किंग व्यवस्था के लिए पार्किंग निर्माण के संबंध में आवश्यक जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोटद्वार में दिन-प्रतदिन सड़कों पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे हमेशा जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, पार्किंग व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए पार्किंग निर्माण कार्य के लिए कार्यवाही त्वरित की जाए।

विधानसभा अध्यक्ष ने पेयजल विभाग के अधिकारियों से कोटद्वार में स्वीकृत एवं प्रस्तावित पेयजल योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ने से क्षेत्र में पेयजल की समस्या बढ़ने लगी है, जिसके लिए पेयजल की आपूर्ति सुचारु रुप से होना आवश्यक हैद्य विधानसभा अध्यक्ष ने क्षेत्र में 50 किलोमीटर क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को दुरस्त करने के लिए शासन के अधिकारियों से धनराशि स्वीकृत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्याओं का समय से निराकरण न होने से स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से बातचीत करते हुए कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में विद्युत कटौती कम करने के लिए कहा जिस पर अधिकारियों द्वारा अवगत किया गया कि अब एक से लेकर डेढ़ घंटे तक ही रोस्टिंग की जाएगी। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में पुरानी 33 के वी खुली विद्युत लाइनों को बदल कर एएएसी कवर्ड कंडक्टर स्थापित किए जाने एवं मुख्यमंत्री घोषणा के अनुरूप 4.4 करोड की लागत से क्षेत्र के अंतर्गत 61 स्थानों पर कृषि भूमि व आवासीय भूमि के ऊपर से हाईटेंशन 11 व 33 केवी लाइनों को शिफ्ट किए जाने संबंधित अभी तक विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की समीक्षा की।

इमरान विधानसभा अध्यक्ष ने नए विद्युत पोल लगाए जाने, खराब विद्युत तारों को बदले जाने के साथ-साथ सोलर की योजनाओं को स्थानीय लोगों तक पहुंचाने व इस सम्बंध में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने पिटकुल को पावर ट्रांसमिशन लाइन और यूपीसीएल को विभिन्न स्थानों पर इलेक्ट्रिक लाइन, सब स्टेशन, विद्युत पोल एवं ट्रांसफार्मर आदि के शिफ्टिंग का कार्य में तेजी लाते हुए निस्तारित करने के निर्देश दिए। विधानसभा अध्यक्ष ने कोटद्वार में बस अड्डे के निर्माण के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की।

विधानसभा अध्यक्ष ने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि समय से योजनाओं को पूरा किया जाए और बार-बार स्टीमेट रिवाइज न किया जाए। काम समय से न होने से लागत बढ़ती है। इससे जनता के धन का अपव्यय होता है ।उन्‍होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की को‍ताही न बरतें एवं निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए लोगों को योजनाओं का लाभ पहुंचाए।

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