हरदा बोलेे- भाजपा में चल रही प्रतियोगिता, कौन कितनी ऊंची फेंकता है, सांसद महोदय आपने इतनी…

देहरादून : पूर्व सीएम हरीश रावत और अनिल बलूनी की तकरार अलग ही है। कभी दोनों एक दूसरे की तारीफ करते नजर आते हैं तो कभी वार. इस बार हरीश रावत ने पहले तो अनिल बलूनी को इगास की बधाई दी और फिर अपने बयानों के तीर से वार किया। हरीश रावत ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अनिल बलूनी पर हमला किया।

मगर मैं बधाई देता हूंँ अपने राज्यसभा के सांसद को-हरदा

हरीश रावत ने लिखा कि जब मैं अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ का सांसद था तो उस समय मुझे टिहरी विकास परिषद के लोगों ने भैलो खेलने के लिए और बग्वाल में सम्मिलित होने और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लेने के लिए बुलाया था, तो मेरा भैलो व इगास से लगभग 30- 32 साल का संबंध है। मगर मैं बधाई देता हूंँ अपने राज्यसभा के सांसद को कि उन्होंने इगास अपने गांव में मनाकर के इगास को समाचारों की सुर्खियों में लाने का काम किया। इगास जो हमारी सांस्कृतिक विविधता व आध्यात्मिक परंपराओं का लोक पर्व है जिसके साथ कई कथानक जुड़े हुए हैं। मगर आज मैंने आदरणीय राज्यसभा सांसद जी का बयान पढ़ा जिसमें उन्होंने कहा कि इगास उत्तराखंड की दशा को बदल देगा। चुनाव के वर्ष में मुख्यमंत्री जी चमत्कारी घोषणा कर ही रहे हैं और ऐसा लगता है दूसरे भाजपाई भी मुख्यमंत्री को अकेले उड़न छू घोषणाएं करने का श्रेय नहीं लेना-देना चाहते हैं, क्योंकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इगास कैसे गांव से हो रहे पलायन को रोकने और रिवर्स पलायन करवाएगी! कांग्रेस सरकार ने मेरा गांव-मेरा धन योजना, मेरा गांव-मेरी सड़क, मेरा गांव-मेरा पोखड़ा, मेरा गांव-मेरा वृक्ष जैसी योजनाएं भी प्रारंभ की।

हरीश रावत ने कहा कि फूलदेई-छम्मा देई का त्यौहार, उतरायणी का त्यौहार और चैतोले की परंपरा को जागृत करने के लिए अपने गांव लौटने वाली बहू-बेटी को 500 रुपये की एक साड़ी और 500 रुपये का टीका, सरकार की तरफ से देने की योजना भी लागू की। यह सारी योजनाओं जो हमारे सांस्कृतिक वैभव के साथ जुड़ी हुई हैं, जिनको वर्तमान सरकार ने बंद कर दिया है। मगर चुनाव के वक्त में भैलो के ऊपर इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंप दे रहे हैं कि उत्तराखंड के सारे कष्ट भैलो से दूर हो जाएंगे! उत्तराखंड के लिए स्मृति का द्वार खुल जाएगा!

भाजपा में यह प्रतियोगिता चल ही रही है कि कौन कितना ऊंचा फेंकता है-हरदा

हरीश रावत ने कहा कि धन्य हैं सांसद महोदय आपने इतनी ऊंची फेंक दी है कि वहां तक तो अब माननीय मुख्यमंत्री जी फेंक ही नहीं पाएंगे और चाहे कितना ही जोर लगा लें इतना ऊंचा तो शायद मोदी जी भी नहीं फेंक पाएंगे! खैर जब भाजपा में यह प्रतियोगिता चल ही रही है कि कौन कितना ऊंचा फेंकता है, आपको उस प्रतियोगिता में सम्मिलित होते देखकर मुझे अच्छा लगा।

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