रुड़की breaking : वैक्सीन लगाने से ग्रामीणों ने किया इनकार, मौके पर पहुंचे सीएमओ हरिद्वार

रुड़की के टांडा भनेड़ा के शिविर में 4 दिन में एक भी व्यक्ति ने कोरोना का टीका नहीं लगवाया सूचना मिलने पर सीएमओ, सीडीओ व डीपीआरओ पूरी टीम के साथ गांव पहुंचे तथा जन प्रतिनिधियों व जिम्मेदार लोगों को समझाकर टीकाकरण शुरू कराया शनिवार को गांव में कुल 104 लोगों ने टीके लगवाए हैं।

विओ–मामला मंगलौर के टांडा भनेड़ा गांव का है, जहाँ गांव में स्वास्थ्य विभाग ने चार दिनों से शिविर लगाकर टीकाकरण अभियान चलाया है जिसमे टीमें गांव, गांव जाकर 45 साल से ऊपर की उम्र वाले लोगों को कोविड का टीका लगवाने की अपील कर रही है लेकिन कुछ जगहों पर अफवाहों के कारण लोग इसका विरोध कर रहे हैं।

मंगलौर से सटे टांडा भनेड़ा गांव मुस्लिम बहुमूल्य गांव है लेकिन यहाँ कोरोना वैक्नसी को लेकर भ्रांतियां फैली हुई है इस गांव में ग्रामीणों ने टीकाकरण लगवाने से साफ इंकार कर दिया है स्वास्थ्य विभाग ने चार दिन से टीकाकरण शिविर लगा रखा था पर लोग टीका लगवाने नहीं आ रहे थे

बाईट – रमेश कुमार त्रिपाठी, dpro

विओ– स्थानीय एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी की टीम को भी लोग साफ इंकार कर रहे थे इसकी जानकारी मिलने पर शनिवार को सीडीओ सौरभ गहरवार, सीएमओ डॉ. शंभु कुमार झा व डीपीआरओ रमेश कुमार त्रिपाठी अपनी पूरी टीम के साथ गांव पहुंचे और उन्होंने गांव के पूर्व प्रधान, बीडीसी सदस्य, वार्ड मेंबर, जिला प्रचायत सदस्य,को मिलकर धार्मिक स्थलों के प्रबंधक व अन्य जिम्मेदार लोगों को बुलाकर बात की साथ ही लाउडस्पीकर से भी ग्रामीणों को समझने का प्रयास किया उनको बताया कि सरकार द्वारा कोविड के टीके को लेकर फैली अफवाहों को गलत बताते हुए कहा कि कोरोना का टीका पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है इसे लगाने से शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने की क्षमता विकसित होती है उनके मुतमईन होने के बाद अधिकारियों ने स्थानीय लोगों के साथ घर, घर जाकर टीकाकरण कराने की अपील की अपील पर लोग टीका लगवाने को राजी हो गए इसके बाद शिविर में टीकाकरण शुरू हो गया डीपीआरओ त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार शाम तक गांव में 104 लोगों का टीकाकरण हुआ है।

लेकिन सवाल यहां खड़ा होता है कि हरिद्वार देहात में यह पहला मामला नही बल्कि लक्सर में भी ऐसी तस्वीरे सामने आ चुकी है ऐसा क्या कारण है कि स्वास्थ्य विभाग ग्रामीणों को इसके बारे में समझने में विफल हो रहा है क्यो ग्रामीण आशा एएन एम की बुलावा टोली की बात से सन्तुष्ट नही है ऐसे में जिले से अधिकारियो को कमान संभाली पड़ रही है ऐसा मुस्लिम छेत्रों में से ही ये तस्वीरे सामने आ रही है ऐसे में सरकार कोरोना की चेन को कैसे ब्रेक कर पाएंगी ।

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