रुड़की: कड़ाके की ठंड में खुले में ठिठुर रहे लोग, ना अलाव ना रैन बसेरा

रुड़की: तापमान लगातार गिरता जा रहा है। जिसके चलते कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोग अपने घरों में कैद हैं। जबकि गरीब बेसहारा लोग बिना आशियाने के खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। फुटपाथ पर इन बेसहारों के आशियाने बने हुए हैं, उन्हीं सड़कों से जनप्रतिनिधियों व सरकारी नुमाइंदे अपनी गाड़ियों से गुजरते हैं, लेकिन उनकी नजर अन पर नहीं पड़ती है।

शहर में रैन बसेरे भी बनाए गए हैं। उनमें नगर निगम की ओर से कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। जिसके चलते इन लोगों को कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे सोना पड़ता है। ठंड की चपेट में आने से दम तोड़ देते हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते निचले इलाकों में ठंड काफी बढ़ गई है।

रुड़की में शहर से लेकर देहात क्षेत्र तक नए साल के पहले दिन से ही घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी भरी सर्दी में नगर निगम की ओर से गरीबों तक कोई सहायता नहीं पहुंचाई जा रही है। गरीब और बेसहारा लोग कपड़े व कूड़ा करकट जलाकर अपना गुजारा कर रहे हैं। निगम की ओर से अलाव भी नहीं जलाए जा रहे हैं।

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