रिक्शा चलाने वाले की बेटी ने जीता मिस इंडिया का ये खिताब, लोग जज्बे को कर रहे सलाम

 

लखनऊ: पिता रिक्शा चलाते हैं। उनकी बेटी ने खुद के लिए ऐसा लक्ष्य निर्धारित किया, जिसके बारे में उनके पिता भी नहीं जानते थे। वो केवल इनता जानते थे कि उनको उनकी बेटी पर भरोसा है। यहीं उम्मीद और भरोसा उनकी बेटी को भी खुद पर था। केवल भरोसा था ही नहीं, बल्कि उसने उसे भरोसे को कायम रखा और अपनी मेहनत के दम पर वो मुकाम हासिल किया, जिसके लिए उसने बचपन में सपना देखा था। रिक्शा चलाने वाली की बेटी मिस इंडिया फस्र्ट रनर-अप बनी।

उनका कहना है कि ‘तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश है, तू चल…तेरे वजूद को समय को भी तलाश है…। मिस इंडिया फर्स्ट रनर-अप मान्या ओमप्रकाश सिंह के संघर्ष की कहानी ने लोगों का दिल ही नहीं जीता, बल्कि उन्हें समझाया कि आपका बैकग्राउंड क्या है। आप कहां से आते हैं, कुछ मायने नहीं रखता। मायने रखता है तो आपका जज्बा और जुनून। तेलंगाना की मानसा वाराणसी ने वीएलसीसी मिस इंडिया 2020 का खिताब जीता। जबकि उत्तर प्रदेश की मान्या फर्स्ट रनर अप और मनिका शियोकांड दूसरी रनर अप रहीं। मान्या की कहानी लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।

मान्या सिंह ने बताया कि कॉलेज के दौरान किसी को नहीं पता था कि मेरे पिता ऑटो रिक्शा चलाते हैं। लेकिन, जब सबको यह पता चला तो कोई मुझसे बात नहीं करता था। साथ ही, जब उन्हें इसकी खबर हुई कि मैं पिज्जा हट और कॉल सेंटर में भी काम कर चुकी हूं तो लोग बोलते थे क्या कर रही हूं। इतना ही नहीं, जब मैं उनके सामने मिस इंडिया बनने की ख्वाहिश जाहिर करती तो वे मुझमें ढेर सारी कमिया निकालकर कहते थे कि तुम मिस इंडिया नहीं बन सकती।

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