उत्तराखंड : कोरोना काल में सरकारी राशन का बंदरबांट, एनजीओ संचालिका समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज

अल्मोड़ा: कोरोना महामारी जैसे इस मुश्किल घड़ी में जहां सरकार पुलिस और सामाजिक संगठन समेत कई लोग गरीब असहाय लोगों और कोरोना मरीजोंकी मदद कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग मुनाफा कमाने की सोच रहे हैं। कोरोना का हाल में लोग दवाइयों से लेकर ऑक्सीजन ऑक्सीमीटर और यहां तक कि सरकारी राशन की भी कालाबाजारी कर रहे हैं।जी हां ऐसा ही मामला अल्मोड़ा से सामने आया है जहां 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

अल्मोड़ा जिले के भनोली क्षेत्र में बीते कई दिनों से रकारी राशन की कालाबाजारी की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद चार लोगों के खिलाफ राजस्व पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें 2 सस्ता गल्ला विक्रेता, एक एनजीओ संचालिका और एक ग्राम्या का कर्मचारी शामिल है। फिलहाल राजस्व पुलिस इसकी जांच कर रही है। क्षेत्र के पटवारी चंद्र सिंह राठौर ने बताया बीते 31 मई को क्षेत्र के लोगों में एक एनजीओ संचालिका पर सरकारी राशन की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया था।

वहीं जिंच करने पर करीब 38 कुंतल गेहूं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि ये राशन सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से लिया गया है। एक ग्राम्या का कर्मचारी भी इसमें शामिल है। इस मामले में अब खाद्य पूर्ति निरीक्षक गौरव कुमार की शिकायत पर पाली निवासी गोदावरी, ग्राम्या के कर्मचारी आलोक दुबे, सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता लक्ष्मी दत्त, गोपाल सिंह के खिलाफ राशन की कालाबाजारी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि अब राजस्व पुलिस मामले की जांच कर रही है।

एसडीएम मोनिका ने बताया कि जो अब तक जो बात सामने आई है। प्रथमदृष्ट्या उसमें राशन की कालाबाजारी करने की बात सामने आई है। अभी मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।

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