Bageshwar newsHighlight

उत्तराखंड में थमी बारिश लेकिन 6 दिन बाद भी नहीं खुला पूर्णागिरि मार्ग, यातायात बाधित

FILE PHOTO

बागेश्वर : उत्तराखंड में भले ही बारिश थम गई है लेकिन बाऱिश का कहर अभी भी देखने को मिल रहा है। कुमाऊं-गढ़वा में बारिश से राहत है लेकिन नदियां अभी उफान पर हैं जिसका कहर देखने को मिल रहा है। भूस्खलन और मलबा आने से कई मार्ग बंद हैं। टनकपुर-पूर्णगिरि मार्ग छठे दिन भी नहीं खुल सका। बीती 18 जुलाई को हनुमान चट्टी के पास दरकी चट्टान का बोल्डर गिरने से टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग बंद हो गया था।

गुरुवार को मौसम खुलने के बाद बाटनागाड़ का मलबा साफ कर शुक्रवार को ब्रेकर मशीन हनुमान चट्टी पहुंचाई गई। लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट का कहना है कि सड़क पर गिरा पत्थर इतना विशाल है कि पूरे दिन मशीन चलने के बाद भी मार्ग नहीं खोला जा सका। उन्होंने कहा कि मौसम साफ रहा तो शनिवार को मार्ग यातायात के लिए सुचारू कर दिया जाएगा। इधर, चंपावत-टनकपुर के बीच शुक्रवार दोपहर बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। स्वांला के पास कई बार मलबा गिरने से एनएच बंद हो रहा था। दोपहर बाद पहाड़ी से मलबा गिरना बंद हो गया। इसके बाद यहां से वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी।

पहाड़ों पर हुई बारिश से शारदा नदी का जलस्तर दो दिन से बढ़ा हुआ है। इस कारण बैराज पर रेड अलर्ट जारी है। बैराज से वाहनों का संचालन भी बंद है। शुक्रवार दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 1.13 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। अल्मोड़ा में अपर और लोअर मालरोड को जोड़ने वाला गैस गोदाम लिंक मार्ग बारिश से धंस गया, जिससे यातायात अवरुद्ध हो गया।  बागेश्वर जिले की तीन सड़कों पर शुक्रवार को भी यातायात बहाल नहीं हुआ। सड़कों के बंद होने से करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित है। खड़लेख-भनार सड़क से नामतीचेटाबगड़ को जाने वाली सड़क एक सप्ताह के बाद खुल पाई है।

चमोली जिले में भी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। कई रास्ते बंद हैं. रास्ते खोले जा रहे हैं लेकिन बार बार बोल्डर गिरने से रास्ते फिर से बाधित हो जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को पहाड़ों में संभलकर यात्रा करने की अपील की गई है।

Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें