उत्तराखंड : शिक्षा विभाग में शुरू हो गई तैयारी, अब होगा ये बड़ा बदलाव

देहरादून: नई शिक्षा निति के बाद से पढ़ाई के तौर-तरीकों में बदलाव किया जाना है। इसीके तहत शिक्षा की प्रणाली बदलने वाली है। जिसके लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में नई शिक्षा नीति के तहत अब प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने का सिलसिला शुरू हो गया है। पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए तीन स्तर पर कार्य चल रहा है।

पहले चरण में प्रदेश की सभी जिला डाइट चार पोजिशन पेपर पर कार्य कर रही हैं। जिसमें प्री प्राइमरी कक्षाओं लेकर बारहवीं तक का पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। जल्द ही ये नया पाठ्यक्रम बच्चों के सामने होगा। रिपोर्टस के अनुसार शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित कई शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के अधिकारियों की देहरादून सचिवालय में बैठक हुई।

बैठक में शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की राज्यस्तरीय गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान नई शिक्षा नीति के तहत प्री प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की कक्षा के लिए नया फार्मूला तय किया गया। जिसमें 5 साल की अवधि का पहला चरण प्री प्राइमरी की तीन कक्षाओं के साथ पहली व दूसरी कक्षा का होगा।

जबकि दूसरा और तीसरा चरण 3 साल का होगा, इसमें तीसरी और चौथी और पांचवी कक्षा का एक वर्ग होगा। जबकि दूसरा वर्ग छठी और आठवीं कक्षा तक का होगा अंतिम 4 साल का चरण नौवीं से 12वीं कक्षा के बीच रखा गया है। बैठक में नई शिक्षा नीति के तहत प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए 2 महीने के भीतर कोर्स का खाका तैयार करने का आदेश दिया गया है।

गौरतलब है कि उत्तराखंड के सभी विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2022-23 से नई शिक्षा नीति के तहत क्रेडिट आधारित नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। सभी विश्वविद्यालयों में इसे एक साथ लागू किया जाएगा। इसके तहत कला, भाषा, विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन एवं कौशल विकास से संबंधित सभी विषयों के पाठ्यक्रम तैयार कर लिए गए हैं।

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