National

पेट्रोल 18, डीजल 35…भारत पर मड़रा रहा महंगे तेल का खतरा, तेल कंपनियों को भारी नुकसान Petrol Diesel Price

Petrol Diesel Price May Hike: पेट्रोल और डीजल के दाम भले ही अभी भी पुराने दामों में मिल रहा हो, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का खामियाजा देश की तेल कंपनियों को भुगतना पड़ रहा है। इसके बाद जो हम आपको खबर बताने जा रहे है उसे सुनकर आपको झटका भी लग सकता है।

पेट्रोलियम कंपनियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार कच्चे माल की लागत में भारी बढ़ोतरी हो रही है। इसके बाद भी सरकारी तेल डिस्‍ट्रीब्‍यूटर कंपनियां पंप कीमतों को स्थिर बनाने का प्रयास कर रही हैं। जिसके चलते पेट्रोल पर 18 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 35 रुपए प्रति लीटर तक का नुकसान हो गया है। जिसके चलते कहा जा रहा है कि तेल महंगा हो सकता है। इस घाटे का अगर कंपनियां भरपाई करेंगी तो पेट्रोल के दाम 125 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा हो सकती हैं।

भारत पर मड़रा रहा महंगे तेल का खतरा Petrol Diesel Price May Hike

दरअसल एक दशक से ज्यादा समय पहले ही डीजल और पेट्रोल की खुदरा कीमतों को सरकारी नियंत्रण से मुक्‍त कर दिया गया था। ये पूरी तरह बाजार के हवाले है। हालांकि इसके बावजूद सरकारी कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। अप्रैल 2022 से तेल की कीमतों में तेजी देखने को नहीं मिली है।

ग्‍लोबल मार्केट में कीमत

भले ही कुछ सालों से घरेलू बाजार में कीमत ना बढ़ी हो, लेकिन ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उथल-पुथल देखने को मिला। रूस-यूक्रेन युद्ध के समय भी कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई थी। तो वहीं इस साल के शुरुआत में करीब 70 डॉलर की गिरावट भी दर्ज हुई। जिसके बाद हालिया अमेरिका-ईजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव की वजह से इसकी कीमत 120 डालर तक देखी गई।

हजारों करोड़ का हो रहा नुकसान

खबरों की माने तो पिछले महीने तीनों कंपनियां रोजाना करीब 2,400 करोड़ रुपए का नुकसान झेल रही थीं। हाल में सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 10-10 रुपए प्रति लीटर उत्पाद शुल्क में कटौती की थी। जिसके बाद ये नुकसान घटकर 1600 करोड़ रुपए रह गया है। सरकार द्वारा ये कटौती नुकसान की भरपाई के लिए ही इस्तेमाल की गई। मार्च महीने के नुकसान ने जनवरी-फरवरी में हुई कमाई को पूरा खत्म कर दिया। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि कंपनियां तेल की कीमतें महंगी कर सकती हैं।

पेट्रोल 18, डीजल 35… Petrol Price

ग्‍लोबल फाइनेंशियल सर्विस ग्रुप मैक्वेरी ग्रुप की ‘इंडिया फ्यूल रिटेल’ रिपोर्ट के अनुसार, क्रूड की वर्तमान में कीमत करीब 135-165 डॉलर प्रति बैरल है। जिससे भारत की तेल कंपनियों को पेट्रोल में 18 और डीजल में 35 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि कच्चे तेल की कीमत में हर 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी से विपणन नुकसान में करीब 6 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी होती है।

चुनाव बाद लग सकता है बड़ा झटका

खबरों की माने तो पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे प्रमुख राज्यों में चुनाव चल रहे है। इसके बाद ईंधन की खुदरा कीमतों में वृद्धि के आसार हैं।

उत्‍पाद शुल्‍क खत्‍म करने पर भी नुकसान

आपको बता दें कि मार्च में सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती के बाद भी कंपनियां नुकसान झेल रही हैं। अगर वर्तमान में पूरा का पूरा उत्पाद शुल्क खत्म भी कर दिया जाए तो भी पूरी तरह से कंपनियों की नुकसान की भरपाई नहीं होगी।


Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें