ये हैं घटिया मानसिकता के लोग, जिन्होंने CDS बिपिन रावत की मौत पर जताई खुशी

CDS Bipin Rawat

तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए विमान हादसे में CDS बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 अधिकारियों और कर्मचारियों की मौत हो गई। देश ने बिपिन रावत समेक कई जांबाज अफसरों और सिपाहियों को खो दिया। दुर्घटना रूसी निर्मित Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर के सुलूर, कोयंबटूर में वायु सेना बेस से नीलगिरी हिल्स में वेलिंगटन के लिए उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद हुई।

आपको बता दें कि जैसे ही बिपिन रावत की निधन की खबर आई तो सोशल मीडिया से लेकर देश भर में शोक की लहर दौड़ गई। लेकिन कई ऐसे घटिया मानसिकता के लोग हैं जो खुश हुे। किसी ने खुशी मनाई, किसी ने उनके निधन की कामना की, तो किसी ने अपना हिसाब चुकता करने का बात कही। समाज के कुछ लोग इस हद तक हाइपर पोलराइज़्ड हैं कि जिन्होंने पूरी उम्र देश की रक्षा के रिए न्यौछावर की वो उनके निधन पर खुशी जता रहे।

भारत के इस जांबाज की मृत्यु पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिली। इस दुर्घटना को लेकर वामपंथी और कट्टरपंथियों की प्रतिक्रियाओं ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि ये मानसिक दिवालियापन के शिकार हो चुके हैं और इनका कुछ नहीं हो सकता।

उस्मानिया विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले हैदराबाद के एक मुस्तफा रियाज ने ट्वीट किया, “मर गया म ******* डी, अब मोदी की बारी इंशाल्लाह!” हालांकि, हैदराबाद साइबर पुलिस की नजर जब इस विवादित ट्वीट पर पड़ी तो रियाज़ ने खुद को बचाने के लिए प्राउड इंडियन, आरएसएस और ओम शांति को अपने ट्विटर बायो में जोड़ते हुए खुद का नाम बदलकर अंशुल सक्सेना कर लिया।

आसिफ नामक व्यक्ति, जिसने अपने ट्विटर बायो में खुद को एक मुस्लिम बताया है और स्पष्ट किया है कि वो हिंदुत्व समर्थक नहीं है। उसने ट्वीट करते हुए कहा कि दुखी होने का कोई कारण नहीं है और यह उसके लिए एक मिनी-ईद की तरह है।

वहीं, अशोक सिंह गरचा नाम यूजर ने ट्वीट करते हुए कहा, सेना प्रमुख एक संघी प्रमुख बन गए, जिन्होंने देश की धर्मनिरपेक्ष साख के साथ विश्वासघात किया। उसने अपने ट्वीट में बिपिन रावत और वीके सिंह को संघी बताया।

सेना के पूर्व अधिकारियों की दिखी कुंठा

इस्लामवादियों और खालिस्तानियों से ऐसी प्रतिक्रिया की उम्मीद की जा सकती है, क्योंकि दुनिया जानती है कि ये किसी के नहीं हैं। लेकिन भारतीय सेना के कुछ पूर्व अधिकारियों ने भी ऐसी प्रतिक्रिया दी, जिसे लेकर उनकी जमकर थू-थू हो रही है। सेवानिवृत्त कर्नल बलजीत बख्शी ने ट्वीट का सहारा लिया और सीडीएस के दुर्घटना की खबर पर खुशी जताई। बख्शी ने बिना नाम लिए सीडीएस पर निशाना साधा और कहा, “लोगों से निपटने का कर्म का अपना तरीका है।” हालांकि, अब इस ट्वीट को हटा दिया गया है।

वहीं, लेफ्टिनेंट कर्नल अनिल दुहून जैसे अन्य वरिष्ठ सेना अधिकारी, जिन्होंने सीडीएस के समान वर्दी पहनने के बावजूद अपनी घृणित मानसिकता का परिचय दिया।

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