पौड़ी : असवालस्यूं पट्टी की निधि और पाबौ के शंकर भरेंगे आसमान की उड़ान, वायु सेना में बने फ्लाइंग ऑफिसर

पौड़ी। पौड़ी गढ़वाल की बेटा और बेटी ने एक बार फिर से जिले का नाम रोशन किया है। अक्सर देखा गया है कि पौड़ी के ही युवक सेना भर्ती में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं और अधिकतर पौड़ी के ही युवक देश की रक्षा कर भी रहे हैं। वहीं इनमें 2 नम और जुड़ गए हैं। बता दें कि  पौड़ी की बेटी और बेटा वायु सेना में फ्लाइंग अफसर बन गई हैं।

पौड़ी के असवालस्यूं पट्टी की निधि बनीं अफसर

पौड़ी के असवालस्यूं पट्टी स्थित महड़ गांव निवासी बेटी निधि बिष्ट वायु सेना में फ्लाइंग अफसर बन गई है। निधि बैंगलुरु में पीओपी के बाद वायु सेना का अभिन्न हिस्सा बनी है। निधि का जन्म 16 जुलाई 1996 में महड़ गांव में हुआ। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक शिक्षा सेंजो स्कूल चौरास टिहरी और मॉडर्न स्कूल ऋषिकेश से पूरी की। डीएवी पब्लिक स्कूल देहरादून से वर्ष 2011 में दसवीं व 2013 में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। दिल्ली विवि के मैत्री कालेज से फिजिक्स ऑनर्स और एफआरआई से स्नात्तकोत्तर किया। निधि एफआरआई से पीएचडी करने के साथ ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी कर रही थी। इसी दौरान अगस्त 2020 में निधि का चयन वायु सेना में हो गया। निधि के पिता सिविल इंजीनियर हैं, माता ऊषा बिष्ट गृहणी है।

पाबौ का बेटा बना अफसर

पाबौ विकासखंड के चौपड़यू गांव निवासी शंकर कठैत वायु सेना में फ्लाइंग अफसर नियुक्त हुए। बैंगलुरू में संपन्न हुई वायु सेना की पीओपी के बाद शंकर वायु सेना के हिस्सा बने जिससे गांव में खुशी की लहर है।

बता दें कि पाबौ के चौपड़्यू गांव निवासी ज्ञानपाल सिंह कठैत के छोटे बेटे शंकर सिंह कठैत की वायु सेना में फ्लाइंग अफसर के रूप में तैनाती हुई है। शंकर की प्राथमिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर पैठाणी से हुई। 12वीं तक की शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय जयहरीखाल से ग्रहण की। इसके बाद शंकर ने गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर श्रीनगर से बीटेक किया। शंकर का चयन पिछले वर्ष दिसंबर माह में वायु सेना के लिए हुआ। शंकर के पिता ज्ञानपाल सिंह गांव में बागवानी का कार्य करते हैं। माता धनेश्वरी कठैत बागवानी के कार्य में हाथ बंटाती हैं।

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