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Pakistan की हालत देखिए!, गटर के ढक्कन तक हो रहे चोरी, चोरों को 10 साल जेल

Pakistan News: पड़ोसी देश पाकिस्तान में कंगाली किस कदर छायी हुई है इस बात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है कि वहां पर गटर के ढक्कन तक सुरक्षित नहीं हैं। जी हां, पाकिस्तान के लोग गटर के ढक्कन चोरी कर रहे हैं। हालात ये है कि इन्हीं चोरी से तंग आकर वहां की सरकार को अब गटर के ढक्कनों तक के लिए नियम बनाने पड़े गए है।

पाकिस्तान की हालत देखिए!, गटर के ढक्कन तक हो रहे चोरी Pakistan News

इन्हीं सब से परेशान होकर पाकिस्तान के पंजाब राज्य की मुख्यमंत्री मरियम नवाज (Maryam Nawaz Sharif) ने ढक्कन चोरी पर सख्स कानून का ऐलान किया। पाकिस्तान के ताकतवर सियासी परिवार की वारिस मरियम नवाज ने कहा कि अगर अब कोई भी गटर का ढक्कन चुराते, बेचते या फिर खरीदते हुए पकड़ा गया तो उसे दस साल तक की जेल की हवा खानी पड़ सकती है। सोशल मीडिया पर उनकी एक वीडियो भी वायरल हो रही है। जिसमें वो ढक्कन चुराने वालों पर सख्त नियम बताती नजर आ रही है।

क्या चेतावनी दी गई है?

ये सख्ती एक हादसे के चलते आई है। दरअसल लाहौर के भाटी गेट इलाके में दाता दरबार के पास एक महिला और उसकी दस माह की बच्ची खुले सीवर में गिर गए। बचाने की कोशिश की गई लेकिन दोनों को जान नहीं बच पाई। इसके अलावा सरगोधा में भी एक बच्चा खुले नाले में गिर गया।

गनिमत रही कि उसे समय रहते निकाल लिया गया। इन्हीं घटनाओं ने गटर के ढक्कनों की चोरी को उजागर किया। जिसके बाद फैसला लिया गया कि अगर खुले मैनहोल के चलते किसी की मौत होती है तो जिम्मेदार लोगों को करोड़ों तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।

गटर का ढक्कन क्यों चुरा रहे पाकिस्तान के लोग?

खबरों की माने तो एक नए मैनहोल ढक्कन की कीमत आठ से बारह हजार पाकिस्तानी रुपए है। लेकिन चोरों की नजर उस ढक्कन पर लगे भारी लोहे के रिंग पर होती है। इसका वजन करीब 30 किलो के आसपास होता है।

इसी लोहे का लालच के चलते गटर लोगों की मौत की वजह बन रहा है। सरकारी बैठकों में इस बात को माना गया है कि इन चोरियों के पीछे संगठित गिरोह हैं। ये गिरोह चोरी किए गए ढक्कन को लोहे की फैक्ट्रियों आदि में बेच रहे हैं।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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