कोर्ट के आदेश पर सहस्रधारा रोड के पेड़ों को किया जाएगा शिफ्ट


नैनीताल हाईकोर्ट ने देहरादून सहस्रधारा रोड के चौड़ीकरण में 2057 पेड़ों के कटान पर लगी रोक हटा दी है, लेकिन चौड़ीकरण के लिए 644 पेड़ों कोे ट्रांसप्लांटेशन के माध्यम से कहीं और शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग के मुताबिक सहस्रधारा रोड क्षेत्र के 644 पेड़ों का ट्रांसप्लांटेशन तीन स्थलों पर किया जाएगा।
राजधानी देहरादून में लगातार सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसी के तहत सहस्रधारा रोड पर जोगीवाला से पैसिफिक गोल्फ एस्टेट तक सड़क चौड़ीकरण किया जाना है जिसमें पेड़ों काटने की जगह उनको ट्रांसप्लांटेशन के माध्यम से कहीं ओर शिफ्ट किया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने अस्थायी खंड ऋषिकेश ने इसमें काम करना शुरू कर दिया है।
बता दें कि चौड़ीकरण के लिए काटे जाने वालों पेड़ों के विरोध में विभिन्न संगठनों ने कोर्ट में याचिका डाली था, उसी की अपील पर हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि चौड़ीकरण की जद में आने वाले पेड़ों को काटने के बजाय उनका ट्रांसप्लांटेशन किया जाए। इसके लिए कोर्ट ने लोनिवि को वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) से सहयोग करने के लिए कहा था।
हाईकोर्ट के आदेश बाद सितंबर में एफआरआई को लोनिवि ने पत्र लिखा था, लेकिन एफआरआई से कोई जवाब नहीं आने पर लोनिवि के अधिकारियों ने एफआरआइ के अधिकारियों से संपर्क किया। जिस पर एफआरआइ ने बताया कि वह खुद पेड़ों ट्रांसप्लांटेशन नहीं करता, बल्कि इस काम के लिए केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न एजेंसियों को अधिकृत जाता है। एफआरआइ ने इस मामले में लोनिवि को कुछ एजेंसियों की जानकारी भी उपलब्ध कराई।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता के अुनसार सहस्रधारा रोड के 644 पेड़ों का ट्रांसप्लांटेशन तीन स्थलों पर किया जाना हैं। कुछ पेड़ बीमा विहार और यूसैक कार्यालय परिसर में और बाकी बचे पेड़ों को डांडा खुदानेवाला स्थित विभाग की भूमि पर शिफ्ट किया जाएगा। गौरतलब है कि अब तक 961 यूकेलिप्टस के पेड़ों को काटा जा चुका है, और 45 पेड़ों का कटना बाकी है।