19 हजार के लिए सबूत मांग रहे थे बैंक कर्मी!, मजबूर भाई कब्र से निकालकर बहन का कंकाल लेकर पहुंचा Video

ओडिशा से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आ रही है। यहां केंदुझर जिले में व्यवस्था की संवेदनहीनता ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक गरीब आदिवासी युवक को करीब 19 हजार निकालने के लिए अपनी मृत बहन का कंकाल कब्र से निकालकर बैंक तक ले जाना पड़ा। ये घटना ना केवल बैंकिग प्रणाली पर सवाल उठाती है बल्कि गरीबों की दर्दनाक जिंदगी की एक झलक भी पेश करती है।
19 हजार के लिए सबूत मांग रहे थे बैंक कर्मी!
दरअसल ये पूरा मामाला डिआनाली गांव निवासी जितु मुंडा का है। यहां सोमवार को वो अपनी बहन का कंकाल लेकर मल्लीपसी स्थित ओडिशा ग्रामीण बैंक पहुंचे। करीब दो महीने पहले उनकी बहन का निधन हो गया था। खाते में मौजूद 19300 रूपए परिवार के लिए जीवनयापन का सहारा थे। जितु ने बैंक को बहन का एकमात्र वारिस बताते हुए रकम निकालने की गुहार लगाई।
मजबूर भाई कब्र से निकालकर बहन का कंकाल लेकर पहुंचा Video
आरोप है कि बैंक ने खाताधारक यानी मृत बहन की अनुपस्थिति में पैसे देने से इनकार कर दिया। साथ ही जितु से उत्तराधिकार प्रमाणपत्र लाने की भी बात कही। आर्थिक तंगी से जूझ रहे जितु को जब कुछ नहीं सूझा तो वो आहत होकर सीधा श्मशान घाट पहुंचा। जहां उसने अपनी दफनाई गई बहन के कंकाल को निकाला।
“अब खाताधारक खुद आ गई है, पैसे दे दीजिए”- मजबूर भाई
कंधे पर अपनी बहन का कंकाल लिए जितु करीब तीन किलोमीटर तक पैदल चलकर बैंक गया। बैंक परिसर में कंकाल रखकर उसने कहा, “अब खाताधारक खुद आ गई है, पैसे दे दीजिए।” जिसने भी ये दृश्य देखा वो सन्न रह गया।
दोबारा श्मशान में दफनाया कंकाल
इस मामले की सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने आश्वासन देकर जितु को शांत किया। बहन कलरा मुंडा के कंकाल को दोबारा से दफनाया गया। इस मामले में प्रशासन भी हरकत में आई। प्रशासन ने तुरंत बैंक से जितु मुंडा के पैसे देने के निर्देश दिए।
भाई जितु ही इकलौता सहारा
मिली जानकारी के अनुसार मृतक कलरा मुंडा के पति और एकमात्र बच्चे का पहले ही निधन हो गया है। जिसके बाद भाई जितु ही उनका सहारा था।