बुजुर्गों को किराए में छूट देने से रेल मंत्री का साफ इंकार, नुकसान का हवाला

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सीनियर सिटीजन को ट्रेन टिकट पर अब छूट नहीं दी जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट कर दी है। हालांकि, भारतीय रेल ने दिव्यांगजनों की चार श्रेणियों, रोगियों और छात्रों की 11 श्रेणियों के किराये में छूट देना जारी रखा है।

रेलवे ने मार्च 2020 से दो वर्षों में वरिष्ठ नागरिक यात्रियों से 1,500 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है। यह तब से है, जब कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत के बाद वरिष्ठ नागरिकों को टिकट पर दी जाने वाली रियायत निलंबित कर दी गई थी। सूचना का अधिकार  के तहत पूछे गए सवाल के जवाब से यह जानकारी मिली। मध्य प्रदेश के चंद्रशेखर गौड़ द्वारा दायर आरटीआई के सवाल के जवाब में रेलवे ने कहा कि 20 मार्च, 2020 और 31 मार्च, 2022 के बीच रेलवे ने 7.31 करोड़ वरिष्ठ नागरिक यात्रियों को रियायतें नहीं दीं।

केंद्रीय रेल मंत्री ने लोकसभा में एम आरिफ के एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा, ‘‘भारतीय रेल पहले से ही वरिष्ठ नागरिकों समेत यात्रियों के लिए यात्रा लागत पर 50 प्रतिशत से अधिक का खर्च पहले से वहन कर रही है। इसके अलावा, कोविड-19 के कारण पिछले दो वर्षों की रेलवे की कमाई 2019-20 की तुलना में कम रही। इसका रेलवे की वित्तीय सेहत पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा।’’ वैष्णव ने कहा कि इसी कारण सीनियर सिटीजन समेत कई श्रेणियों के किराये में छूट का दायरा बढ़ाना ठीक नहीं है।

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