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Chattisgarh: सुकमा में राशन लेकर कैंप जा रहे थे जवान, नक्सलियों ने किया IED ब्लास्ट, 2 शहीद

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला सुकमा से बड़ी खबर सामने आई है। यहां आईईडी विस्फोट में 2 जवान शहीद हो गया है। ये धमाका जगरगुंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिलगेर और तेकुलागुडेम के बीच हुआ है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ कोबरा 201 बटालियन के 2 जवान शहीद हो गए। वो जवान राशन लेकर कैंप जा रहे थे।

सुरक्षाबलों न सुकमा जिले में भारी मात्रा में जाली नोट और इन्हें छापने के लिए नक्सलियों द्वारा इस्तेमाल किए गए उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, बस्तर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में साप्ताहिक हाट में नक्सली लंबे समय से कथित तौर पर जाली नोटों का इस्तेमाल कर आदिवासियों से ठगी कर रहे थे।

पुलिस अधीक्षक का दावा

सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण जी. चव्हाण ने दावा किया है कि नकस्ली भारतीय अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। चव्हाण ने इस अभियान को नक्सलरोधी अभियान में एक जरुरी सफलता बताते हुए कहा, राज्य पिछले तीन दशक से ज्यादा समय से इस समस्या से जूझ रहा है। राज्य में नकसलियों द्वारा छापे गए जाली नोट पहली बार बरामद किए गए हैं।

सुरक्षाकर्मियों को देख नक्सली घने जंगल में भाग गए

जानकारी मिली है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 50 वीं बटालियन, जिला रिजर्व गार्ड बस्तर ‘फाइटर्स’ के जवान इस अभियान में शामिल थे। उन्होंने बताया कि नक्सली सुकमा जिले के मैलासुर, कोराजगुडा और दंतेशपुरम में जाली नोट छापने में संलिप्त थे। जैसे ही उन्होनें कोराजगुडा और दंतेशपुरम मे जाली नोट छापने मे सुरक्षाकर्मियों की मौजदूगी देखकर नक्सली घने जंगल में भाग गए, लेकिन अपन वस्तुएं वहीं छोड़ गए।

तलाशी के दौरान क्या-क्या मिला?

तलाशी के दौरान भारी मात्रा में 50, 100, 200 और 500 रुपये के जाली नोट, दो प्रिंटिंग मशीन, एक इंवर्टर मशीन, स्याही की 200 बोतलें, प्रिंटर के 4 कार्ट्रिज, 9 प्रिंटर रोलर, 6 वायरलेस सेट, उसके चार्जर और बैटरी बरामद की गईं। चव्हाण ने बताया कि दो बंदूक, भारी मात्रा में विस्फोटक, अन्य सामग्री और नक्सलियों की पोशाक भी जब्त की गई।

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