बेल या जेल…?, नैनीताल के नरेश पांडे की अग्रिम जमानत पर कोर्ट ने सुनाया फैसला

नरेश पांडे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत में अग्रिम जमानत यानी Anticipatory Bail की अर्जी लगाई थी। जिसकी सुनवाई आज हुई है। ऐसे में कोर्ट ने इसे लेकर एक बड़ा आदेश दे दिया है। दरअसल हाल ही में एक युवती ने नरेश पांडे पर आरोप लगाया था कि नरेश पांडे ने खुद को अविवाहित बताकर युवती को शादी का झांसा दिया। उसके साथ यौन शोषण किया। इतना ही नहीं युवती ने नरेश पांडे पर जबरन गर्भपात करवाने का भी आरोप लगाया गया। युवती की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा।
नरेश पांडे पर यौन शोषण और गर्भपात के आरोप
हालांकि इसी बीच कहानी में बड़ा मोड़ आया। युवती ने खुद जाकर अगले दिन अपनी तहरीर वापस ले ली। जिसके बाद से ये मसला शहर में चर्चा का विषय बन गया। इसी बीच नरेश पांडे का एक वीडियो सामने आया। जिसमें नरेश पांडे ये कहते नजर आए कि युवती उनकी अच्छी मित्र है। उनका दावा था कि कुछ लोगों ने युवती का माइंड वॉश किया। उसके प्राइवेट वीडियो वायरल करने की धमकी दी। साथ ही दबाव बनाकर एफआईआर दर्ज करवाई।
घर से उठाकर लेकर गई थी पुलिस
19 मई की सुबह पुलिस नरेश पांडे को उनके घर के बाथरूम से उठाकर ले गई। करीब 23 घंटे तक नरेश पांडे से हिरासत में पूछताछ चली। इसी बीच नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी का बयान सामने आया। उन्होंने बताया कि मामला सिर्फ यौन शोषण तक सीमित नहीं है। सूचना मिली है कि नरेश पांडे कथित तौर पर एक हनीट्रैप रैकेट भी चला रहा था।
हनीट्रैप की बातें आई सामने!
आरोप है कि कुछ महिलाओं को आगे कर पुरुषों से संबंध बनवाए जाते थे। फिर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाता था। नैनीताल में कथित हनी ट्रैप जैसे मामलों को लेकर भी नरेश पांडे से पूछताछ की गई। यहीं नहीं नरेश पांडे के चार बाउंसरों को भी पुलिस पूछताछ के लिए साथ लेकर गई।
नरेश पांडे की अग्रिम जमानत पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
एसएसपी के मुताबिक नरेश पांडे चार बाहुबली बाउंसरों के साथ चलते थे ताकि लोगों में खौफ बना रहे। हलांकि इसके बाद नरेश पांडे के बाउंसरों पर वैधानिक कार्रवाई की गई। अदालत ने नरेश पांडे की अग्रीम जमानत याचिका में साफ किया कि अभी ये तय नहीं किया जा रहा कि आरोपी सही है या गलत, बल्कि सिर्फ ये देखा जा रहा है कि क्या उन्हें अग्रिम जमानत दी जा सकती है।
नरेश पांडे की जमानत याचिका स्वीकार
कोर्ट ने साफ कहा कि जिस कानून के तहत ये मामला देखा जा रहा है वो गंभीर अपराधों पर लागू होता है। लेकिन फिलहाल दर्ज एफआईआर में हत्या या POCSO Act जैसी गंभीर धाराएं नहीं लगाई गई हैं। जिसके चलते कोर्ट ने नरेश पांडे की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है। साथ ही, सरकार और पुलिस को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। अदालत ने पुलिस से नरेश पांडे का पुराना काला चिट्ठा यानी क्रिमिनल रिकॉर्ड भी तलब किया है।