बड़ी खबर। त्रिवेंद्र के पूर्व सलाहकार की कंपनी पर 200 करोड़ की मनी लांड्रिंग के आरोप, जांच के आदेश

ks panwar and money launderingराज्य के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के पूर्व सलाहकार केएस पंवार की कंपनी पर 200 करोड़ की मनी लांड्रिंग के आरोप लगे हैं। सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। ऐसे में अब केएस पंवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

सुपर सीएम वाली हैसियत में रहे केएस पंवार

त्रिवेंद्र सिंह रावत के पूर्व सलाहकार रहे हैं केएस पंवार। केएस पंवार त्रिवेंद्र सरकार में बेहद ताकतवर माने जाते थे। हालात ये थे उन्हे सुपर सीएम तक कहा जाता था। वहीं एक कंपनी है सोशल म्यूचुअल बेनिफिट कंपनी लिमिटेड। ये कंपनी वित्तीय लेनदेन का काम करती है। लोगों से रकम जमा कराती है और उसे ब्याज के बाद निश्चित समय के बाद लौटाती है।

200 करोड़ की मनी लांड्रिंग!

आरोप है कि केएस पंवार अपनी पत्नी के नाम पर इस कंपनी को चलाते हैं। इस कंपनी में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तकरीबन 200 करोड़ रुपए अलग अलग स्कीमों में इंवेस्ट किए गए। इन पैसों को जमा करने वालों की सही जानकारी नहीं दी गई और ये सारा पैसा ब्लैक मनी थी जिसे इंवेस्ट करके व्हाइट कर दिया गया। आरोप है कि तकरीबन 200 करोड़ रुपए की ब्लैक मनी को व्हाइट किया गया।

केएस पंवार की ये कंपनी पिछले कई सालों से विवादों में रही है। पिछली सरकार के कार्यकाल में विपक्ष के नेता काजी निजामुद्दीन ने इस मामले को विधानसभा में भी उठाया और उसपर चर्चा भी हुई थी लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। चूंकि त्रिवेंद्र सरकार में केएस पंवार बेहद ताकतवर हस्ती थे लिहाजा जांच ठंडे बस्ते में पड़ी रही। आरबीआई से हरी झंडी मिलने का हवाला देकर बात आई गई कर दी गई।

पहले भी उठी आवाज

इस मामले को खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने भी इस मामले में मोर्चा खोल रखा है। त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ उमेश कुमार की अदावत जगजाहिर है। इसी बीच उमेश कुमार ने केएस पंवार की कंपनी को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। उमेश कुमार सोशल मीडिया पर इस संबंध में कई खुलासे कर चुके हैं। हाल ही में कुछ महीनों फिर एक बार इस मामले में शिकायत मिली। वहीं अब राज्य में सत्ता बदल चुकी थी और केएस पंवार का सियासी कद भी कम हो चुका था। राज्य में अब धामी सरकार आ चुकी है। धामी सरकार ने बार बार मिल रही शिकायतों पर चुपचाप जांच करा दी। शुरुआती जांच के बाद विस्तृत जांच की तैयारी हो गई तो मामला आर्थिक अपराध शाखा को भेज दिया गया। शासन के निर्देश पर इस संबंध में आदेश जारी हो गए हैं।

वहीं केएस  पंवार इस कंपनी के साथ अपने रिश्ते को नकारते रहें हैं। केएस पंवार की माने तो ये कंपनी उनके परिवार के लोगों की है। मीडिया को दी गई एक प्रतिक्रिया में केएस पंवार ने कहा है कि, कोई जबरन इस मामले को उठा कर उनपर निशाना साधना चाहता है।

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