क्या आपके पास भी है ऐसी संपत्ति?, मोदी सरकार उठाने जा रही है बड़ा कदम

pm modiक्या आप शत्रु संपत्तियों के बारे में जानते हैं, क्या आपके घर या पड़ोस में भी शत्रु संपत्तियां हैं, क्या आप शत्रु संपत्तियों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे, क्या आपके किसी पड़ोसी ने शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर रखा है?…अगर इनमें से किसी का भी जवाब हां में है तो यह खबर आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। देश भर की शत्रु संपत्तियों पर मोदी सरकार अब एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। यदि किसी के आसपास शत्रु संपत्ति है अथवा किसी ने उस पर कब्जा कर रखा है तो उनके लिए यह खबर सबसे बड़ी है। आइए सबसे पहले आपको बताते हैं कि शत्रु संपत्तियां हैं क्या ?

दरअसल देश के बंटवारे के समय और उसके बाद वर्ष 1962, 65 और 71 के युद्ध के दौरान और उसके बाद जो लोग देश छोड़कर चीन या पाकिस्तान में बस गए और उनकी संपत्तियां घर, मकान, दुकान या जमीन भारत में ही रह गए, उसे शत्रु संपत्तियों के नाम से जाना जाता है। देश के लगभग सभी राज्यों में ऐसी हजारों शत्रु संपत्तियों की पहचान की गई है। वर्ष 1962 के रक्षा अधिनियम के अनुसार सरकार को ऐसी समस्त शत्रु संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार है। साथ ही सरकार इन संपत्तियों की देखभाल के लिए संरक्षक की भी नियुक्ति कर सकती है।

यूपी में है सबसे अधिक शत्रु संपत्तियां

वैसे तो देश के 21 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 12 हजार 615 शत्रु संपत्तियां हैं। मगर सबसे ज्यादा शत्रु संपत्तियां अकेले यूपी में हैं। यूपी में कुल 6255 शत्रु संपत्तियां हैं। हालांकि उनमें से 3797 शत्रु संपत्तियों की ही पहचान की जा सकी है। बाकी संपत्तियों का फिलहाल अतापता नहीं है। जाहिर है कि उन शत्रु संपत्तियों पर कोई न कोई कब्जा कर चुका है, जिस वजह से वह विलुप्त हो चुकी हैं। यूपी के बाद पश्चिम बंगाल में दूसरी सबसे ज्यादा शत्रु संपत्तियां हैं। यहां 4088 शत्रु संपत्तियां सरकारी अभिलेखों में दर्ज हैं। हालांकि इनमें से सिर्फ 810 की ही वर्तमान में पहचान की जा सकी है। इसके बाद पर तीसरे नंबर पर दिल्ली आती है, जहां शत्रु संपत्तियों की संख्या 659 है। वहीं महाराष्ट्र में 211, गुजरात में 151, हरियाणा में 71 और उत्तराखंड में 69 शत्रु संपत्तियां हैं।

दिल्ली में भी हैं ऐसी संपत्तियां

दिल्ली में सबसे ज्यादा शत्रु संपत्तियां चांदनी चौक, सदर बाजार और जामा मस्जिद के इलाके में हैं। यह शत्रु संपत्तियां किसी ने किसी के कब्जे में हैं। सिर्फ कुछ संपत्तियां ही वीरान पड़ी हैं। अब सभी शत्रु संपत्तियों की पहचान की जा रही है। इसके बाद राष्ट्रीय नीति के तहत सरकार इन शत्रु संपत्तियों को निपटारा करेगी।

ऐसे खोजी जाएंगी शत्रु संपत्तियां

केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार देश की अधिकांश शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जा हो चुका है। अब उनकी खोज करने के लिए डिफरेंशियल ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (डीजीपीएस) की मदद ली जाएगी। इससे देश में कहीं भी छुपी शत्रु संपत्तियों का पता लगाया जा सकेगा। यह जीपीएस से भी ज्यादा बेहतर अत्याधुनिक तकनीकि है। इसके तहत देश भर में सरकार दिसंबर से राष्ट्रीय सर्वे कराने जा रही है।

शत्रु संपत्तियों का सरकार क्या करेगी

सबसे बड़ा सवाल यही है कि देश में जितनी भी शत्रु संपत्तियां हैं, उनका अब सरकार क्या करेगी?…तो आपको बता दें कि मोदी सरकार सबसे पहले सभी शत्रु संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कब्जा मुक्त कराएगी। अगर किसी जमीन पर अवैध निर्माण हो चुका है तो उसे भी सरकार कब्जा मुक्त कराएगी। इसके बाद भूमि और मकान की मौजूदा लागत के अनुसार उसकी नीलामी की जाएगी। हालांकि इसमें सरकार यह सहूलियत देने का विचार कर रही है कि जो शत्रु संपत्तियां वर्तमान में किसी के कब्जे में हैं, उन्हें नीलामी में पहला अवसर दिया जाएगा। ताकि वह चाहें तो शत्रु संपत्तियों को वैध तरीके से खरीदकर अपने पास रख सकते हैं। अवैध तरीके से यदि किसी ने शत्रु संपत्तियों पर कब्जा किया है तो अब उसे हटवा दिया जाएगा। इसकी शुरुआत सबसे पहले नोएडा और ग्रेटर नोएडा से होने जा रही है।

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